फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में खुले बोरवेल में गिरी ढाई साल की मासूम नेहा को बचाया नहीं जा सका। सीही गांव में रविवार शाम हुए हादसे के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ सहित विभिन्न एजेंसियों ने करीब 10 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सोमवार तड़के करीब 3:50 बजे बच्ची को बोरवेल से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि नेहा रविवार शाम अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह खुले पड़े पुराने बोरवेल में जा गिरी। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोगों को हादसे का पता चला और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को भी बचाव अभियान में लगाया गया। फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें भी रातभर मौके पर मौजूद रहीं।
बोरवेल में पहुंचाई गई ऑक्सीजन
रेस्क्यू के दौरान बच्ची तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई। बोरवेल में कैमरा डालकर उसकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश भी की गई। बच्ची को सुरक्षित निकालने के लिए बोरवेल के आसपास खुदाई सहित कई विकल्पों पर काम किया गया।
कई घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार तड़के बच्ची को बाहर निकाला गया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
करीब 10 साल से बंद पड़ा था बोरवेल
स्थानीय लोगों और बच्ची के परिजनों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार बोरवेल लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं था। दावा है कि इसे पहले ढक्कन लगाकर बंद किया गया था, लेकिन कुछ दिन पहले इसका ढक्कन हट गया या गायब हो गया था। इसके बाद बोरवेल खुला पड़ा था। करीब 10 घंटे तक चले बचाव अभियान के बावजूद मासूम नेहा को नहीं बचाया जा सका। घटना के बाद परिवार और सीही गांव में शोक का माहौल है।



