योगी मंत्रिमंडल में 6 नए मंत्री शामिल, दो मंत्रियों को मिला प्रमोशन

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर छह नए मंत्री शामिल किए हैं जबकि दो मंत्रियों को प्रोन्नत किया है।

भूपेन्द्र चौधरी तथा मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री और कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेन्द्र दिलेर तथा हंसराज विश्वकर्मा को राज्यमंत्री के रूप में मंत्री परिषद में शामिल किया गया है। मंत्रिपरिषद में पहले से शामिल दो राज्यमंत्रियों अजीत पाल तथा सोमेन्द्र तोमर को प्रोन्नत कर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है।

इन सभी मंत्रियों को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यहां जन भवन में एक सादे समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी तथा कुछ अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।।

मंत्रिपरिषद विस्तार को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश करते हुए विभिन्न वर्गों के नेताओं को इस विस्तार में जगह दी है।

चौधरी भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जाट नेताओं में शामिल है और मुरादाबाद के रहने वाले हैं। वह लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा संगठन में सक्रिय रहे है। वह वर्ष 2016 में पहली बार विधान परिषद सदस्य बने तथा 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया और 2019 में कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज की जिम्मेदारी मिली। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष बनने पर उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया था।

मनोज पांडेय रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह 2012-17 में समाजवादी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। वह 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे और विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक भी रहे। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे।

कैलाश सिंह राजपूत कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट से विधायक है। वह 1996 में पहली बार भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीते थे। बाद में 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव जीते और 2017 में वह फिर भाजपा में लौटे और लगातार दो बार विधानसभा पहुंचे।

हंसराज विश्वकर्मा विधान परिषद के सदस्य हैं और पिछड़ा वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़ रखते है। उन्होंने 1989 में बूथ स्तर से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था और राम मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। वाराणसी में 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।

सुरेंद्र दिलेर अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से विधायक है और भाजपा के प्रमुख दलित युवा नेताओं में गिने जाते हैं। वह पूर्व भाजपा सांसद राजवीर सिंह दिलेर के पुत्र हैं।

कृष्णा पासवान फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से विधायक है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। वह चार बार विधायक और दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं तथा भाजपा का प्रमुख दलित महिला चेहरा मानी जाती हैं।

सोमेंद्र तोमर मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक है और मंत्रिपरिषद में अब तक ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत रहे हैं। उन्हें राज्य मंत्री से राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है।

इसी तरह कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक अजीतपाल सिंह अब तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के रूप में काम करते रहे हैं। उन्हें भी राज्य मंत्री से प्राेन्नत कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा ने पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दलित, ओबीसी और ब्राह्मण समीकरणों को साधने की कोशिश की है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राज्य में अधिकतम 60 मंत्री बनाये जा सकते हैं। अब तक योगी सरकार में 54 मंत्री थे ऐसे में खाली पड़ी छह सीटों पर नए मंत्री बनाए गए है।