बड़लिया स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज की एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
अजमेर। समाज सेवा और मानव कल्याण की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद् की जेएलएन शाखा तथा बड़लिया स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कुल 85 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
शिविर का उद्देश्य रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग देना रहा। शिविर प्रभारी डॉ. भरत छाबलानी ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
शिक्षकों और कार्मिकों ने रक्तदान कर दिया संदेश
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरके मोटवानी, संकाय सदस्य डॉ. एचआर चौधरी, डॉ. मुकेश गुप्ता, खेलकूद अधिकारी सुभाष कुमार तथा मदन मोहन लवानिया सहित अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों ने शिविर में रक्तदान किया। शिक्षकों और कार्मिकों की इस सहभागिता ने विद्यार्थियों एवं युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का संदेश दिया।
महाविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित चतुर्वेदी ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरत के समय मरीजों की सहायता की जा सकती है। उन्होंने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
परिषद् पदाधिकारियों और एनएसएस स्वयंसेवकों का सहयोग
शिविर के सफल आयोजन में भारत विकास परिषद् की जेएलएन शाखा के अध्यक्ष रमेश चंद जाजू, शिविर प्रभारी डॉ. भरत छाबलानी, क्षेत्रीय संयोजक दिलीप पारीक, कोषाध्यक्ष जीतमल चौहान, सोमरतन आर्य, राकेश मूंदड़ा, भारतेश मंगल, संस्कार संयोजक अशोक पंसारी और मोहनलाल कुमावत ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग किया।
वहीं, एनएसएस स्वयंसेवकों भोमाराम, सुशील, विकास, दिलखुश, प्रियंका और गुड्डी ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। शिविर के माध्यम से रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।



