कोलंबो। भारत और पाकिस्तान के कप्तानों सूर्यकुमार यादव और सलमान अली आगा ने टॉस के समय हाथ नहीं मिलाया, जिससे पहले हुए विवादित हाथ नहीं मिलाने वाले मामले की यादें ताज़ा हो गईं, जिस पर पहले भी काफ़ी बहस हुई थी।
पिछले साल एशिया कप में भी ऐसा ही झगड़ा हुआ था, जब भारतीय खिलाड़ियों ने एक तनावपूर्ण मुकाबले के बाद अपने पाकिस्तानी साथियों के साथ पारंपरिक तरीके से हाथ नहीं मिलाया था। इस घटना पर क्रिकेट की दुनिया में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी, पाकिस्तानी मीडिया के कुछ हिस्सों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया, जबकि दोनों तरफ के कई पुराने क्रिकेटरों ने इस पर अपनी राय दी कि क्या ऐसे इशारे जरूरी थे या सिर्फ़ सिंबॉलिक थे।
हालांकि, क्रिकेट के खेलने के हालात हाथ मिलाना जरूरी नहीं बनाते, और इसे लागू करने वाले नियम के बजाय सदभावना परंपरा बताया। यह मामला कुछ समय के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव बातचीत का मुद्दा बन गया था, इससे पहले कि दोनों बोर्ड ने आगे बढ़ने का फैसला किया।



