जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में देरी के मामले में सख्ती दिखाते हुए राज्य चुनाव आयोग को अवमानना नोटिस जारी किया है।
उच्च न्यायालय ने आयोग और राज्य चुनाव आयुक्त से पूछा है कि पूर्व आदेश के बावजूद तय समयसीमा में चुनाव क्यों नहीं कराए गए। न्यायालय ने चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रम निर्धारित समयसीमा से आगे जा रहा है, जिससे चुनाव कराने में देरी हो रही है।
इससे पहले न्यायालय ने निर्देश दिया था कि पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक पूरे कराए जाएं, लेकिन अब तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं की गई है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं। वहीं आयोग का कहना है कि अंतिम मतदाता सूची 22 अप्रैल को जारी होगी, जिससे तय समय में चुनाव कराना संभव नहीं है।



