बेंगलूरु। कर्नाटक कांग्रेस को शनिवार को डबल नुकसान हुआ है। एक तरफ जहां शृंगेरी में दोबारा मतगणना के बाद उसके मौजूदा विधायक को अपनी सीट गंवानी पड़ी, वहीं दूसरी ओर धारवाड़ के विधायक विनय कुलकर्णी को हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में एक बड़े परिवर्तन में मौजूदा कांग्रेस विधायक टीडी राजे गौड़ा कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर डाक मतपत्र की दोबारा गिनती के बाद भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार डीएन जीवराज से सिर्फ 52 वोटों के मामूली अंतर से हार गए।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने श्री जीवराज द्वारा 2023 के विधानसभा चुनावों में डाक मतपत्र की गिनती को चुनौती देते हुए दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को दोबारा गिनती कराने और तुरंत परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया था। राजे गौड़ा को 2023 के चुनावों में 201 वोटों के अंतर से विजयी घोषित किया गया था।
दोबारा मतगणना के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस को 692 जबकि भाजपा को 569 डाक मत मिले थे। दोबारा गिनती के दौरान भाजपा के डाक मत 567 रहे, जबकि कांग्रेस के वोटों की संख्या तेजी से गिरकर 314 रह गई क्योंकि पहले उसके पक्ष में गिने गए 300 से अधिक मत अमान्य पाए गए।
संशोधित आंकड़ों ने अंततः भाजपा को 52 वोटों से जीत दिला दी। गिनती की प्रक्रिया शनिवार देर रात तक जारी रही, जिसके दौरान काफी राजनीतिक नाटक देखने को मिला। परिणाम में आए इस परिवर्तन के बाद कांग्रेस नेताओं ने मतपत्र में छेड़छाड़ का आरोप लगाया और दोबारा गिनती की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
उच्च न्यायालय ने हालांकि निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया था कि वे विजयी उम्मीदवार को तुरंत जीत का प्रमाण पत्र जारी करें लेकिन अधिकारी ने कांग्रेस द्वारा उठाई गई आपत्तियों को देखते हुए पूरी फाइल बेंगलूरु में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजने का फैसला किया। अब औपचारिक प्रमाण पत्र सोमवार को जारी होने की उम्मीद है।
उधर, सत्ताधारी पार्टी को एक और झटका तब लगा, जब कर्नाटक विधानसभा सचिवालय ने भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद धारवाड़ के विधायक विनय कुलकर्णी की सदस्यता खत्म कर दी।



