सरकारी अभियंता के साथ मारपीट के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को एक महीने की सजा

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सिंधुदुर्ग। महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग की एक स्थानीय अदालत ने राज्य के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नितेश राणे को साल 2019 में एक सरकारी इंजीनियर के साथ मारपीट करने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीएस देशमुख ने सोमवार को दिए अपने आदेश में राणे और अन्य आरोपियों को आईपीसी की धारा 504 (लोक शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना) के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई। श्री राणे के वकीलों ने मंगलवार को कहा कि वे आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के बाद उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।

न्यायाधीश देशमुख ने अपने आदेश में कहा भले ही राणे का इरादा खराब गुणवत्ता वाले काम और लोगों को होने वाली असुविधा के खिलाफ आवाज उठाना था, लेकिन उन्हें किसी लोक सेवक को अपमानित करने का अधिकार नहीं था।

यह मामला चार जुलाई 2019 का है, जब नितेश राणे (उस समय कणकवली से कांग्रेस विधायक) ने मुंबई-गोवा राजमार्ग पर गड्ढों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के उप अभियंता प्रकाश शेडेकर पर कीचड़ डलवा दिया था।

पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नारायण राणे के पुत्र नितेश राणे ने इस घटना के बाद चार जुलाई, 2019 को ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। उन पर और उनके 50 समर्थकों पर सरकारी कर्मचारी पर हमला और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

शुरुआत में वह न्यायिक हिरासत में रहे और बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। उस समय नारायण राणे ने अपने बेटे के व्यवहार के लिए माफी भी मांगी थी।
राणे अक्टूबर 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे और वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं।