राजस्थान में 17 मई से प्रारंभ होंगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षण वर्ग

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जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र में 17 मई से प्रदेश के 12 स्थानों पर 14 प्रशिक्षण वर्ग प्रारंभ होंगे। इनमें 10 संघ शिक्षा वर्ग, तीन घोष वर्ग और एक कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम शामिल है। इन वर्गों में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, तरुण तथा विभिन्न व्यवसायों से जुड़े स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल ने बताया कि संघ शिक्षा वर्गों में स्वयंसेवकों को साधना, स्व-अनुशासन, त्यागपूर्ण जीवन तथा सामूहिक जीवन के सामंजस्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्गों में शारीरिक, सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण अवधि में प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा जल संरक्षण को व्यवहार का हिस्सा बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष राजस्थान क्षेत्र का कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम (सामान्य) जयपुर के राजापार्क में आयोजित होगा। 17 मई से प्रारंभ होकर यह वर्ग 7 जून तक चलेगा। वर्ग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह आलोक कुमार सहित अखिल भारतीय एवं क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं बीकानेर में आयोजित वर्ग में अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर का प्रवास रहेगा।

ये संघ शिक्षा वर्ग चित्तौड़ प्रांत के चित्तौड़गढ़, फतेहनगर और कोटा में, जयपुर प्रांत के अलवर, बांदीकुई और जामडोली (जयपुर) में तथा जोधपुर प्रांत के बाड़मेर, भीनमाल और बीकानेर में आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त भीलवाड़ा, बांदीकुई और जोधपुर में घोष वर्ग लगाए जाएंगे।

घोष वर्गों में स्वयंसेवकों को संघ के पारंपरिक वाद्य यंत्रों जैसे शंख, आनक, वंशी और विभिन्न ताल वाद्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही घोष की ताल, संचलन के दौरान सामूहिक समन्वय, अनुशासन तथा भारतीय सांस्कृतिक धुनों का अभ्यास कराया जाता है। घोष संघ की शाखाओं और उत्सवों में सामूहिकता एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम है।