सोशल मीडिया पर दोस्ती, प्यार का खौफनाक अंत

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किशोरी के बाद युवक का भी शव नहर में मिला
श्रीगंगानगर। राजस्थान में सोशल मीडिया पर शुरू हुई किशोरी और युवक के प्यार का अंत शनिवार को श्रीगंगानगर में हो गया।

पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि 19 वर्षीय गौरव बोस का सड़ा-गला शव नहर किनारे से निकालकर उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया और शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले नहर में एक किशोरी का शव मिला था।

गौरव बोस, जो श्रीगंगानगर में जवाहर नगर थाना के नजदीक इंदिरा चौक क्षेत्र में रहता था और एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम करता था, अपनी 16-17 वर्षीय प्रेमिका को सोशल मीडिया के जरिए जानता था। दोनों की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी, जहां गौरव खुद को गौरव सोनी के नाम से प्रस्तुत करता था। इनकी धीरे-धीरे चैटिंग मोहब्बत में बदल गई।

विगत 13 मई को हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी किशोरी सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन बस पकड़कर सीधे श्रीगंगानगर पहुंच गई। वहां गौरव से मिली और उसे लेकर उसके घर चली गई। जब गौरव लड़की को घर ले आया तो मां नाराज हो गईं। उसने गौरव को तुरंत लड़की को उसके घर छोड़कर आने को कहा।

गौरव ने बात मान ली और दोनों इंदिरा चौक से ई-रिक्शा लेकर हनुमानगढ़ मार्ग की ओर रवाना हो गए। दोपहर करीब पौने एक बजे उन्हें रिद्धि सिद्धि कॉलोनी प्रथम के गेट के पास आखिरी बार देखा गया था। उसके बाद दोनों लापता हो गए।

उसी दिन देर शाम घमूडवाली पुलिस थाना क्षेत्र में गंगनहर में एक लड़की का शव मिला जो उसी किशोरी का था। उसके दोनों हाथ दुपट्टे से बंधे हुए थे और वह स्कूल यूनिफॉर्म में थी। उसकी पहचान हनुमानगढ़ जंक्शन की संगरिया रोड पर रहने वाली एक सरकारी स्कूल की छात्रा के रूप में हुई। लड़की के परिवार वालों ने बताया कि वह सुबह स्कूल गई थी और शाम तक नहीं लौटी। उसके पिता ने जंक्शन थाने में 14 मई को रिपोर्ट लिखाई कि गौरव सोनी ने उनकी बेटी को फुसलाकर ले गया है।

जल्द ही पुलिस को पता चला कि गौरव सोनी असल में गौरव बोस (धाणक) है। जब पुलिस उसके घर पहुंची तो परिवार ने बताया कि गौरव लड़की को लेकर घर आया था, लेकिन मां के कहने पर उसे छोड़ने चला गया था। उसके बाद दोनों का कोई अता-पता नहीं चला। गौरव अपना मोबाइल फोन भी घर पर छोड़ गया था।

इस घटना के बाद दोनों समाजों में तनाव फैल गया। हनुमानगढ़ जंक्शन में अरोड़ा समाज के लोगों ने गौरव पर लड़की की हत्या का आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग की, जबकि श्रीगंगानगर में धाणक समाज के लोगों ने दावा किया कि गौरव को लड़की के परिवार वालों ने गायब कर दिया है।

दोनों परिवार गहरे दुख और अनिश्चितता में डूबे रहे। पुलिस को भी शुरू में शक था कि दोनों ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली होगी, लेकिन गौरव का शव न मिलने से उसके परिवार को उम्मीद बनी रही कि वह कहीं जीवित होगा।

शुक्रवार सुबह चूनावढ़ थाना क्षेत्र के चक 8-एचएच दानीरामवाला गांव के पास नहर में एक शव मिला। पुलिस मौके पर पहुंची और शव नहर से निकलवाया। मौके पर ही पोस्टमार्टम किया गया। जूते सुरक्षित रखे गए और डीएनए सैंपल लिया गया। उसके बाद नहर को किनारे ही दफना दिया गया।

जब यह सूचना जवाहरनगर थाने पहुंची, जहां गौरव के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज थी, तो हवलदार हरदेव सिंह ने तुरंत गौरव के परिवार वालों को सूचित किया। परिवार वाले चूनावढ़ पहुंचे और कपड़े एवं जूतों को देखते ही भावुक होकर रो पड़े। वे गौरव के ही थे। शनिवार दोपहर में चूनावढ़ में उप तहसीलदार के आदेश पर शव निकालकर परिवार को सौंप दिया गया। शाम को गौरव बोस का विधिवत अंतिम संस्कार कर दिया गया।