पाली। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि यह पुराना भारत नहीं, अपितु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युग वाला नया भारत है, जो दुश्मन को उसकी ही जमीन पर घुसकर जवाब देना जानता है।
शेखावत ने मंगलवार को पाली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाअभियान के तहत आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने पूरी दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भारत के खिलाफ आंख उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने जिस तेज गति से विकास और सामरिक मजबूती हासिल की है, वह मोदी सरकार की राष्ट्रहित सर्वोपरि नीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत नहीं किया, अपितु बॉर्डर पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर सेना को अभूतपूर्व ताकत दी है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि डोकलाम में चीन ने भारत को आंख दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सेना की ताकत और मोदी सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते उसे पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
शेखावत ने कहा कि आज दुनिया जानती है कि भारत अब किसी भी दबाव में झुकने वाला देश नहीं रहा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश को 1948, 1962, 1965 और 1971 जैसे बड़े युद्धों का सामना करना पड़ा लेकिन जब दुश्मनों को यह समझ आ गया कि भारतीय सेना को सीधे युद्ध में हराना आसान नहीं है, तब उन्होंने आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी और नकली करेंसी के जरिए छद्म युद्ध शुरू किया।
उन्होंने कहा कि भारत ने हर मोर्चे पर दुश्मनों की इन साजिशों को विफल किया है और अब देश आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रहा है, जिसे पूरी दुनिया का समर्थन हासिल है, यही भारत की असली ताकत है। शेखावत ने कहा कि जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की स्थापना से लेकर आज तक सत्ता कभी हमारे लिए लक्ष्य नहीं रही और राजनीति हमारे लिए सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि सत्ता हमारे लिए, जिस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पार्टी की स्थापना की गई, उस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक साधन मात्र है और राजनीति उस संकल्प में जुटे रहने की एक व्यवस्था है। इसलिए राजनीति हमारे लिए राष्ट्र सेवा का एक साधन है।
उन्होंने कहा कि हम उस विचारधारा के वाहक हैं, जिसमें अंतिम व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए निरंतर साधना की जाती है। शेखावत ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना, उसको समर्थ बनाना और उसको बराबरी का अवसर देना ही पार्टी की कार्य पद्धति है।
शेखावत ने कहा कि समाज को संगठित कर सांस्कृतिक हितों की रक्षा करना हमारे विचार परिवार का मूलमंत्र है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में निवास करती है और जब हम चुनौतियों की बात करते हैं तो वह केवल आंतरिक और बाह्य सुरक्षा की बात ही नहीं होती, अपितु भारत की संस्कृति, सामाजिक परंपराएं, हजारों साल से निरंतरता के प्रवाह से चल रही भारत की सनातन पद्धति, अर्थतांत्रिक सोच, लोकतंत्र और राष्ट्रीय चेतना का दायित्व भी हम सबका है, इसलिए सभी को एकजुट होकर इस दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ काम करना चाहिए।



