वाराणसी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। राहुल गांधी द्वारा भगवान राम पर की गई कथित टिप्पणी के मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने आदेश जारी करते हुए मामले की सुनवाई पुनः अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए कोर्ट) की अदालत में करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता हरिशंकर पाण्डेय ने बताया कि अब इस मामले की सुनवाई निचली अदालत में होगी, जिसकी अगली तारीख शीघ्र निर्धारित होगी।पाण्डेय ने बताया कि अप्रैल 2025 में राहुल गांधी ने न्यूयॉर्क स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान राम तथा सनातन धर्म के प्रतीकों पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनके इस विवादास्पद बयान से सनातन धर्म का अपमान हुआ तथा वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को क्षति पहुंची, जिसके बाद यह याचिका दायर की गई थी।
उन्होंने बताया कि मई 2025 में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) ने यह कहते हुए परिवाद खारिज कर दिया था कि इसके लिए भारत सरकार से अनुमति लेकर आएं। उक्त आदेश के खिलाफ 26 सितंबर को जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की गई थी, जिसे जिला जज ने एमपी-एमएलए कोर्ट को स्थानांतरित कर दिया था।
आज पुनः अपर सत्र न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने सुनवाई करते हुए मामले की पुनः सुनवाई का आदेश निचली अदालत को दे दिया है। राहुल गांधी को तलब करने की प्रक्रिया के तहत नोटिस भी जारी किया जाएगा।



