होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित

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वॉशिंगटन/तेहरान। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों के लिए तत्काल निकासी अभियान रोक दिया है। यह फैसला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सिंगापुर ध्वज वाले मालवाहक पोत एवर लवली पर किए गए हमले के बाद लिया गया है।

यह घटना इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने, समुद्री यातायात को स्थिर करने और खाड़ी में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हाल ही में हस्ताक्षरित अमरीका-ईरान समझौते के लिए परीक्षा की घड़ी है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार पोत पर एक वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया गया था, जो जहाज के पश्चिमी हिस्से की तरफ लगा और उसकी दायीं तरफ का नियंत्रण कक्ष क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना में किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, लेकिन समुद्री निगरानी एजेंसियों ने पुष्टि की है कि इस हमले ने रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्गों में से एक में परिचालन बाधित कर दिया है।

यह घटना ईरान की उस चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद हुई है, जिसमें उसने कहा था कि जहाजों को सुरक्षित रास्ता तभी दिया जाएगा, जब वे ईरान की ओर से स्वीकृत विशिष्ट मार्गों का पालन करेंगे। ईरान का यह रुख अमरीका के उस दावे को सीधे चुनौती देता है, जिसमें कहा गया था कि हालिया युद्धविराम ढांचे के तहत इस जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया गया है। यूके समुद्री व्यापार संचालन (यूकेएमटीओ) ने अलग से जानकारी दी कि ओमान के दाहित बंदरगाह से 7.5 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में एक जहाज पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि कई जहाजों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन एजेंसी को परिचालन जारी रखने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि आवश्यक सुरक्षा गारंटी बनी रहे। डोमिंगुएज ने कहा कि मैंने हमेशा इस बात को दोहराया है कि नाविकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए समन्वित दृष्टिकोण और नौवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्टता मिलने तक निकासी योजना को रोक दिया जाएगा।

मुझे आज ओमान की खाड़ी में एक ऐसे जहाज पर हमले की जानकारी दी गई है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरा था। इस जहाज ने आईएमओ के निकासी ढांचे के तहत पारगमन नहीं किया था। मैंने हमेशा इस बात को दोहराया है कि नाविकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए समन्वित दृष्टिकोण और नौवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे की स्पष्टता मिलने तक निकासी योजना को रोक दिया जाएगा।

यह हमला आईआरजीसी की उस चेतावनी के बाद हुआ है, जिसमें उसने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समन्वय निकायों के निर्धारित मार्गों से जलडमरूमध्य पार करने के प्रयास अस्वीकार्य और पूरी तरह से खतरनाक होंगे। इसके साथ ही उसने कहा था कि जहाजों को सीधे ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना चाहिए। रिपोर्टों से यह भी संकेत मिला है कि घटना के समय एवर लवली चार अन्य जहाजों के एक बेड़े का नेतृत्व कर रहा था।

इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे तेल की कीमतें ऊपर चली गईं, क्योंकि व्यापारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली शिपमेंट की सुरक्षा का नए सिरे से आकलन किया है। मालूम हो कि वैश्विक कच्चे तेल के निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यह हमला इस जलमार्ग पर दबाव बनाने की ईरान की निरंतर क्षमता बताता है, जो कि एक ऐसा संकरा मार्ग है, जहां से दुनिया के कुल तेल प्रवाह का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान यह दबाव तब बना रहा है, जब वह एक ऐसे प्रारूप समझौते का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य निर्बाध पारगमन सुनिश्चित करना और दुश्मनी को कम करना है।

अमरीका-ईरान ने 17 जून को हस्ताक्षरित समझौते के तहत 60 दिनों के लिए इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की प्रतिबद्धता जताई थी, जबकि परमाणु प्रतिबंधों, प्रतिबंधों से राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्थाओं पर व्यापक बातचीत जारी है। यह ताजा तनाव ऐसे समय में आया है, जब यह समझौता अपनी अस्पष्ट प्रवर्तन संरचना और ईरान के इस निरंतर दावे को लेकर पहले से ही आलोचना का सामना कर रहा है कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले रास्तों को नियंत्रित करने का अधिकार उसी के पास है।