जयपुर। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग 10 से 23 जुलाई तक राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) परिवारों का राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण का आयोजन करेगा।
ओबीसी आयोग राजस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित निर्णयों एवं राज्य सरकार द्वारा गठित राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग को प्रदत्त संदर्भों के अनुपालन में आयोग द्वारा राज्य में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में समसामयिक एवं अनुभवजन्य अध्ययन किया जा रहा है।
इस अध्ययन के तहत आयोग द्वारा 10 से 23 जुलाई तक प्रदेश के समस्त जिलों में ‘राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप’ के माध्यम से ओबीसी परिवारों का राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण आयोजित किया जाएगा।
सर्वेक्षण का उद्देश्य राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, जनसांख्यिकीय एवं स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित तथ्यात्मक एवं अद्यतन आंकड़ों का संकलन करना है, जिससे आयोग विधिसम्मत एवं वैज्ञानिक आधार पर अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को प्रस्तुत कर सके। सर्वेक्षण कार्य पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित किया जाएगा।
आयोग की ओर से विकसित राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप के माध्यम से नियुक्त लगभग 51168 प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित प्रपत्र के अनुसार सूचनाओं का संकलन करेंगे। संपूर्ण प्रक्रिया का ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण आयोग स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।



