मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल ने 100 करोड़ रुपये के कथित वसूली और धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को राज्य के पूर्व गृह मंत्री तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) नेता अनिल देशमुख के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है।
मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में सुनवाई के दौरान ईडी के विशेष लोक अभियोजक सुनील गोंसाल्विस ने बताया कि राज्यपाल ने गत 21 मई को अभियोजन की मंजूरी प्रदान कर दी थी। इसके साथ ही मामले में आरोप तय करने और मुकदमे की औपचारिक सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
यह मामला 20 मार्च 2021 का है, जब तत्कालीन मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे और अन्य लोगों के माध्यम से मुंबई के बार एवं रेस्तरां से प्रतिमाह 100 करोड़ रुपए की वसूली कराने का निर्देश दिया था।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए देशमुख ने सोशल मीडिया पर जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) पहले ही परमबीर सिंह को एंटीलिया विस्फोटक प्रकरण का मुख्य साजिशकर्ता बता चुका था, जिसके बाद उनका तबादला किया गया था।
देशमुख ने कहा क परमबीर सिंह ने दुर्भावनावश मेरे खिलाफ 100 करोड़ रुपए की वसूली का मनगढ़ंत आरोप लगाया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में यह सामने आने के बावजूद कि कथित साजिश परमबीर सिंह के कार्यालय में रची गई थी, उन्हें अब तक आरोपी क्यों नहीं बनाया गया।



