अलवर। राजस्थान में अलवर में अरावली थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए गुजरात के व्यापारी को जाल में फंसाकर उसका अपहरण और लूट करने वाले गिरोह का खुलासा किया है।
पुलिस सू्त्रों ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार करके वारदात में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर गुजरात के एक व्यापारी से संपर्क किया। उसे सस्ते दाम में सामान उपलब्ध कराने का लालच देकर अलवर बुलाया गया। इसके बाद व्यापारी को एक्सप्रेस-वे की ओर ले जाकर उससे मारपीट की गई, डराया-धमकाया गया और उससे नकदी और फर्जी खातों में पैसे अंतिरत करवा लिए गए।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल कार की पहचान हुई। वाहन मालिक से पूछताछ में पता चला कि कार किराए पर ली गयी थी। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने इसी तरह की अन्य वारदातें करना भी स्वीकार किया है। पुलिस ने बताया कि यह एक शातिर गिरोह है, जो सोशल मीडिया के जरिए व्यापारियों को फंसाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
अंतरराज्यीय साइबर ठग अरेस्ट
अलवर में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि आरोपी संगठित साइबर गिरोह का सक्रिय सदस्य है और उसके नेटवर्क में करीब 25 साइबर अपराधी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शौकीन (20) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को कपड़ा फैक्ट्री का मालिक बताकर सस्ते लेडीज सूट-सलवार बेचने के विज्ञापन डालता था। इसके अलावा मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर लोगों से तत्काल रुपये स्थानांतरित करवा लेता था। इस तरीके से उसने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के लोगों को ठगा है।
पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी गिरोह के अन्य सदस्यों को म्यूल बैंक खाते और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में किया जाता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।



