अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में तेल पैकिंग फैक्ट्री में भीषण आग से करोड़ों का नुकसान

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अलवर। राजस्थान में अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र स्थित अलवर साल्वेक्स सरसों तेल पैकिंग फैक्ट्री में शनिवार की सुबह आग लगने से करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री जल गई। करीब सात घंटे तक दमकल की गाड़ियों ने लगातार मशक्कत की। आग पर नियंत्रण पाने के बाद भी फैक्ट्री से धुआं निकलता रहा, जिसे बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां देर तक मौके पर जुटी रहीं। फैक्ट्री मालिक ने करीब 25 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान जताया है।

दमकल अधिकारी अमित मीणा ने बताया कि सुबह करीब छह बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही अलवर की दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। आग बढ़ती गई तो आसपास की नगरपालिकाओं के साथ दौसा, भरतपुर, खैरथल-तिजारा और भिवाड़ी से भी दमकल वाहन बुलाए गए। कुल करीब 18 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और उन्होंने करीब 250 से ज्यादा चक्कर लगाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।

अमित मीणा के अनुसार करीब ढाई बजे तक आग पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन फैक्ट्री के अंदर से धुआं निकलता रहा। तेल और ज्वलनशील सामग्री के कारण पूरी तरह धुआं खत्म होने में समय लग रहा है।

फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में सरसों का तेल मौजूद था। यहां करीब 700 टन मस्टर्ड तेल बताया जा रहा है। फैक्ट्री परिसर में ढाई-ढाई लाख लीटर क्षमता के दो टैंक और करीब एक लाख लीटर क्षमता का एक अन्य टैंक भी था। आग की चपेट में आने के बाद टैंकों में मौजूद तेल को बाहर निकालकर नाली और सड़क की तरफ बहाया गया, ताकि आग को और फैलने से रोका जा सके।

आग इतनी विकराल थी कि कई किलोमीटर दूर से ही धुएं का गुबार दिखायी दे रहा था। फैक्ट्री की मशीनरी और अन्य सामान पूरी तरह जल गया, वहीं कई जगह लोहे की मशीन और सामग्री पिघलकर गिरती नजर आई।

फैक्ट्री मालिक पवन जैन चौधरी ने बताया कि संयंत्र सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक संचालित होता है और यहां दो गार्ड रहते हैं। आग की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में तेल था और करीब 25 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि आज स्वतंत्रता दिवस के कारण कंपनी में छुट्टी थी। सामान्य कार्यदिवस होता और कर्मचारी मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

आग की सूचना के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा स्वतंत्रता दिवस समारोह समाप्त होते ही घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री मालिक से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और अधिकारियों से आग बुझाने की कार्रवाई और नुकसान की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

आग की भयावहता को देखते हुए आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया गया और सुरक्षा के लिहाज से लोगों को दूर रखा गया। प्रशासन और दमकल विभाग के दल लगातार मौके पर मौजूद रहे। कलेक्टर ने भी आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को सक्रिय करने और अतिरिक्त कलेक्टर सिटी को मौके पर भेजने की जानकारी दी।

औद्योगिक क्षेत्र के लोग भी मौके पर पहुंचे। नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष अजय अग्रवाल, व्यापार महासंघ अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष घनश्याम गुर्जर, धीरज जैन सहित कई लोग फैक्ट्री मालिक और प्रभावित परिवार के साथ खड़े नजर आए। आग लगने के वास्तविक कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन जांच के बाद सामने आएगा।