
सबगुरु न्यूज-आबूरोड। नगर पालिका चुनावों के लिए अधिसूचना जारी होने के अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं। 27 अगस्त को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन दाखिल होने लगेगा। अंतिम नामांकन तिथि 31 अगस्त है। इसी दिन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को अपने सिम्बल निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष जमा करवाने होते हैं। आबूरोड में 23 अगस्त को भाजपा के प्रत्याशियों के लिए संगठन ने आवेदन ले लिए। प्रदेश कांग्रेस संगठन ने जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों को 26 अगस्त तक ये कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
जिला भाजपा ने पूरे जिले में कवायद 23 अगस्त को कर ली। आबूरोड में चुनाव कार्यालय भी शुरू हो गया। यहां पर नगर पालिका चुनावों के चालीस वार्डों के लिए भाजपा से टिकिट के आकांक्षियों के आवेदन लिए गए। कोर कमेटी ने उनका साक्षात्कार भी लिया। यहां चालीस वार्डों से 180 दावेदारों के सामने आए हैं। आबूरोड के लोगों और खुद भाजपा नेताओं को 31 अगस्त का इंतजार है। यहां ये चर्चा है कि इस दिन ये तय हो जाएगा कि आबूरोड में भाजपा के फाइनेंसर्स, सेवादारों और स्वयंभू बडे नेेताओं में से पार्टी में किसकी अहमियत ज्यादा है। यानि आबूरोड में पार्टी का बाहूबली कौन है।
आबूरोड नगर पालिका में इस बार पालिकाध्यक्ष का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। 40 में से सात वार्ड ऐसे हैं जो महिलाओं के लिए अरक्षित हैं। सामान्य महिला के आरक्षित पद के लिए ओबीसी केटेगरी के नेता भी लाइन में हैं। संगठन इन्हें प्राथमिकता देगा या नहीं ये समय बताएगा। लेकिन, महिलाओं केे लिए आरक्षित वार्डों की संख्या सीमित होने से एक-एक वार्ड में कई बडे बडे नेेताओं और बडे नेताओं के सेवादाताओ की माता, पत्नी, बहन, भाभी, पुत्रवधु आदि दावेदारी कर रही हैं। ऐसे में ये माना जा रहा है कि 31 अगस्त को सिम्बल जमा होते ही कम से कम ये तो तय हो जाएगा कि इन नेताओं में से भी कौन संगठन में वनज रखता है।
आबूरोड में सामान्य महिला के लिए आरक्षित 7 वार्डों में से पांच वार्ड तो शुरू में ही हैं। 2, 3 और 4 नम्बर नदी पार हैं। तीन नम्बर वार्ड से महालक्ष्मी झा ने टिकिट मांगा है। इस वार्ड की निवासी नहीं हैं, लेकिन भाजपा की महिला मोर्चा अध्यक्ष रह चुकी हैं। पति आरएसएस से जुडे हुए हैं। 4 नम्बर वार्ड में आरएसएस बैकग्राउंड के कारण मृदुला शर्मा, महिला मोर्चा अध्यक्ष होने के नाते संगीता शर्मा और पूर्व पार्षद पत्नी सरोज कंवर जैसे नाम सामने आ रहे हैं।
वार्ड संख्या 6 और 7 भी सामान्य महिला के लिए आरक्षित वार्ड हैं। शहरी इलाका है। यहां पर दोनों ही वार्डों से जमा आवेदनों में कोई प्रभावी नाम सामने नहीं आए हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो इन दोनों ही वार्डों को वर्तमान पालिकाध्यक्ष मगनदान चारण के लिए खाली छोडा गया है। इसमें से किसी भी वार्ड में उनकी पत्नी या बेटी या दोंनों ही वार्डों से दोनों का ही नाम सामने लाने की कवायद चल रही है। यदि दोंनों ही टिकिट फाइनल होते हैं तो ये तय है कि भाजपा आबूरोड में इनके कार्यकाल में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इन बोर्ड का नसीब इनके हाथों में छोड रही है। संभव है कि एक वार्ड में इनकी करीबी रिश्तेदार और दूसरे में इन्हीं का सुझाई महिला की दावेदारी तय हो सकती हैं। आबूरोड मेें ये माना जाता है कि आबकारी क्षेत्र के दो-तीन वार्डों में मगनदान का मतदाताओं पर प्रभाव ज्यादा है।
इसके बाद शुरू होते है भाजपा के परम्परागत वोटबैंक वाले शहर के हृदय स्थल के इलाके। यहां पर वार्ड 12 पर दो प्रमुख दावेदार हैं जिनके परिवार से जुडे नेताओं की पार्टी में अहमियत की परीक्षा है। इसमें एक नाम सामने आ रहा है मीना गुप्ता का। पूर्व पार्षद और जनसंघ के पुराने नेता के परिवार से। दूसरा नाम है टीना गुप्ता का, भाजपा के करीबी एक होटेलियर का पार्टी में कितना दबदबा वो इनके टिकिट से तय होगा।
वार्ड संख्या 14 भाजपा का गढ है। सामान्य ओपन वार्ड है। ऐसे में पालिकाध्यक्ष पद की दावेदारी के लिए कद्दावर भाजपा नेता अपने परिवार की महिला सदस्या को इस वार्ड में खडे करने को लेकर लालायित हैं। इस वार्ड से सबसे प्रभावशाली दावेदारी आबूरोड मंडल के अध्यक्ष मनीष सिंघल की अपने परिवार की महिला सदस्या के लिए मानी जा रही है। वैसे यहां से आधा दर्जन पुरुषों ने भी टिकिट मांगा है।
सामान्य ओपन और भाजपा का गढ होने के कारण पार्टी के लिए प्रत्याशी चयन में सबसे ज्यादा मशक्कत करवाने वाला वार्ड 18 नम्बर होगा। यहां सामान्य पुरुषों के साथ पालिकाध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी जताने के लिए महिलाओं ने भी टिकिट मांगा है। इनमें प्रमुख हैं डा भारती बंसल और दूसरा नाम है भाजयुमो अध्यक्ष दीपेश सिंघल की माता विमला देवी। यहां सबसे ज्यादा दस आवेदन आए बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो पालिकाध्यक्ष के दावेदारों में शामिल महिलाओं से 12 और 14 को खाली रखने के लिए पार्टी ने ही यहां पर एक बाहरी उम्मीदवार को भेजा है। यही देखते हुए यहां पर स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा भी अभी से चलने लगा है।
सबसे ज्यादा चर्चा जिस वार्ड की है वो है वार्ड संख्या 23। सबसे ज्यादा खर्चीले वार्डों में शुमार होता है। रेलवे पटरी के दोनों ओर फैले इस वार्ड में भाजपा के बडे नेताओं में दबदबा रखने वाले मार्बल व्यवसाई की माता किरण कंवर ने और भाजपा के जिला पदाधिकारी और बडे नेताओं की करीबी होटेलियर व जिला संगठन पदाधिकारी अरविंद अग्रवाल के परिवार की भावना अग्रवाल ने दावेदारी की है। निवर्तमान उपाध्यक्ष रवि शर्मा भी अपनी पत्नी के लिए यहीं से दावेदारी करने के इच्छुक बताए जा रहे हैं।
फिर एक और वार्ड चर्चा में है। वार्ड संख्या 27 । ओबीसी महिला के लिए आरक्षित इस वार्ड से भाजपा के दो प्रमुख नेताओं के करीबी अपने घर की महिला सदस्य के लिए दावेदारी करने के इच्छुक बताए जा रहे हैं। एक हैं सांसद के करीबी अजयनाथ ढाका और दूसरा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित के गुट के सतीश सेठी। ये दोंनो अपने परिवार की महिला सदस्य के लिए इन वार्डों से दावेदारी कर रहे हैं।
तो फिलहाल सामान्य और सामान्य महिलाओं के अलावा ओबीसी महिला के लिए आरक्षित आठ वार्डों से आबूरोड के पालिकाध्यक्ष होने का कयास लगाया जा रहा है। लेकिन, इनमें से कौन बाहूबली होगा वो 31 अगस्त को रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष सिंबल जमा होने पर पता चल जाएगा। लेकिन, टिकिट मिलने के बाद ये पालिकाध्यक्ष पद के लिए वार्डों से क्वालिफाई कर पाएंगे या नहीं ये लोकतंत्र की सबसे बडी बाहूबली जनता और टिकिट नहीं मिलने पर निराश होकर अंदरखाने घात करने वाले जख्मी नेता तय करेंगे।


