काठमांडू। नेपाल में तिब्बत सीमा के पास बुधवार को भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 95 लोगों की मौत हो गई, जबकि 105 भारतीय पर्यटकों समेत 384 पर्यटक और यात्रियों के लापता होने की सूचना है।
नेपाल पुलिस के शाम 7:14 बजे तक के बुलेटिन के अनुसार रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व में 95 शव बरामद किये गये हैं। रसुवा के तिमुरे में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 32 जवान भी लापता हैं। अधिकारियों ने मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
बाढ़ से पुलिस थाने, सीमा शुल्क केंद्र, निजी मकान, पुल और सड़क समेत बड़ी संख्या में ढांचे बह गये हैं। नेपाल से सामने आए वीडियो में कई बड़ी इमारतों, मकानों, वाहनों और अन्य ढांचों को तेज बहाव में बहते देखा जा सकता है। प्रभावित इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान जारी है तथा कई स्थानों पर बाधित सड़कों को खोलने का काम किया जा रहा है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार लापता 384 यात्रियों में 105 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। इसके अलावा नेपाल, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी लापता बताये गये हैं। नेपाल में रह रहे 37 प्रवासी भारतीयों के बारे में भी अभी जानकारी नहीं मिल सकी है। प्रभावित क्षेत्र में मौजूद लोगों का पता लगाने के लिए सीमा के दोनों ओर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
बाढ़ में 20 मेगावाट के लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना से जुड़े 60 लोग भी बुधवार सुबह से संपर्क से बाहर हैं। परियोजना प्रवर्तक विजय मोहन भट्टराई के अनुसार इनमें 25 इंजीनियर, चालक और रसोई कर्मचारी तथा सुरंग के भीतर काम कर रहे 35 श्रमिक शामिल हैं। परियोजना का निर्माण पूरा हो चुका था और दो दिन बाद परीक्षण शुरू होना था।
तिमुरे स्थित रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय के 15 कर्मचारी भी लापता हैं। नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन के अनुसार, भोटेकोशी की बाढ़ में नौ वाणिज्यिक बैंकों की शाखाएं बह गईं और करीब 26 कर्मचारी अब भी संपर्क में नहीं हैं।
नेपाल सरकार ने स्थिति की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलायी है। निचले इलाकों में आपात चेतावनी जारी कर बचाव दलों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है।
नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता शैलेंद्र थापा ने कहा कि भोटेकोशी के ऊपरी क्षेत्र में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) इस तबाही का संभावित कारण हो सकता है। घायलों के उपचार के लिए काठमांडू के सरकारी अस्पतालों और सुरक्षा बलों के चिकित्सा केंद्रों को तैयार रखा गया है। नेपाल पुलिस अस्पताल के नौ चिकित्सकों की टीम आवश्यक चिकित्सा सामग्री और एंबुलेंस के साथ रसुवा रवाना हो चुकी है।
इस बीच, चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार तिब्बत में ग्यिरोंग बंदरगाह के पास भी बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क, संचार और बिजली आपूर्ति बाधित हुई तथा कई लोगों के लापता होने की आशंका है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बात कर जनहानि पर दुख जताया और कहा कि भारत इस आपदा की घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है तथा हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। रसुवागढ़ी क्षेत्र लांगटांग और कैलाश-मानसरोवर जाने वाले पर्यटकों एवं ट्रेकर्स के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।



