अजमेर। सामान्य महिला के लिए आरक्षित वार्ड 72 में कुल 3,535 मतदाता हैं। इनमें 1,749 पुरुष और 1,786 महिलाएं। भाजपा से अन्नू श्री और कांग्रेस से रिचा जोशी के साथ निर्दलीय तारा पारीक इस वार्ड से भाग्य आजमा रही हैं। यानी वार्ड में मुकाबला त्रिकोणीय है। तारा पारीक ने भाजपा से टिकट की दावेदारी की थी लेकिन भाजपा ने उनके बजाय गोपाल शर्मा की पुत्रवधू अन्नू श्री को टिकट दिया।
चुनाव आकलन के अनुसार इस वार्ड में भाजपा और कांग्रेस अपने परंपरागत वोटों पर आश्रित हैं। ऐसे में भाजपा से बगावत कर चुनाव लड रहीं निर्दलीय तारा पारीक की सबसे बड़ी ताकत कांग्रेस को हराना नहीं, बल्कि भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाना है। तारा के पक्ष में अंतिम 2–3 दिनों में भाजपा का असंतुष्ट वोट निर्णायक साबित हो सकता है।
यदि भाजपा प्रत्याशी अन्नू श्री को पार्टी का पारंपरिक वोट पूरा मिलता है तो तारा के लिए मुश्किल होगी। लेकिन यदि भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं/समर्थकों का एक हिस्सा तारा के व्यक्तिगत संपर्क और पुराने संगठनात्मक संबंधों के कारण उनके साथ जाता है, तो मुकाबला पूरी तरह पलट सकता है। मंडल मंत्री होने के कारण तारा पारीक को सामान्य निर्दलीय उम्मीदवार की तुलना में मजबूत माना जा सकता है। यदि भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं का एक हिस्सा टिकट वितरण से नाराज है, तो उसका लाभ तारा को मिल सकता है।
इसके अलावा रिचा जोशी का कांग्रेस वोट कितना एकजुट रहता है, यह भी निर्णायक होगा। कांग्रेस का वोट यदि 600–700 के आसपास सीमित रहता है तो भाजपा की अन्नू श्री और तारा पारीक के बीच सीधा मुकाबला बन सकता है। भाजपा के स्थानीय 250–300 कार्यकर्ताओं का खुला या मौन समर्थन तारा के पक्ष में बढ़ता है, तो तारा पारीक वार्ड 72 में भाजपा को हराकर जीतने की स्थिति में आ सकती हैं।
तारा पारीक की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे खुद भाजपा संगठन में सक्रिय रही हैं। वे भाजपा के दाहरसेन मंडल में मंत्री रही हैं और लंबे समय से वार्ड में सक्रिय हैं। निशुल्क योग शिविरों के कारण उनका स्थानीय संपर्क बना रहा है। तारा पारीक अगर भाजपा के वोट बैंक में कम से कम 20–25% की सेंध लगा लेती हैं तो वे जीत की असर हकदार हो सकेंगी। अगर रिचा जोशी 600–700 वोट के आसपास रहती हैं, तो मुकाबला सीधे अन्नू श्री बनाम तारा पारीक में बदल सकता है।



