आवासीय विद्यालय की नाबालिग छात्रा प्रेगनेंट मिली, प्रधानाध्यापिका समेत 3 निलंबित; रसोइये पर पॉक्सो केस

0

पोलावरम। आंध्र प्रदेश के पोलावरम क्षेत्र में एक सरकारी जनजातीय कल्याण आवासीय विद्यालय की 9वीं कक्षा की छात्रा के प्रेगनेंट पाए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, छात्रा के साथ कथित तौर पर रेप के मामले में हॉस्टल के रसोइये के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

स्वास्थ्य खराब होने पर अस्पताल ले जाने से सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार छात्रा अडातीगाला गांव स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर 10 सितंबर को काकीनाडा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामले की जानकारी मिलते ही जनजातीय कल्याण विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक छात्रा की सुरक्षा और मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई की गई।

प्रधानाध्यापिका समेत तीन कर्मचारी निलंबित

जनजातीय कल्याण विभाग के उप निदेशक एम रुखमंतैया के अनुसार मामले में लापरवाही की जांच के बाद आवासीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। विभाग की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्रावास में नाबालिग छात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की निगरानी, उनकी सुरक्षा और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।

रसोइये पर पॉक्सो के तहत मामला

पुलिस ने मामले में हॉस्टल के रसोइये के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए कानून के तहत उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां अब छात्रा के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। आरोपी की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

नोट : नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई भी जानकारी प्रकाशित नहीं की गई है।