कारी मोटर स्पीडवे पर गरजीं रॉयल एनफील्ड की बाइक, GT Cup 2026 में GT-R750 का धमाकेदार डेब्यू

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कोयंबटूर। कोयंबटूर के कारी मोटर स्पीडवे पर इस सप्ताहांत रफ्तार और रोमांच का जबरदस्त नजारा देखने को मिला। जेके टायर द्वारा प्रस्तुत रॉयल एनफील्ड कॉन्टिनेंटल जीटी कप 2026 के छठे संस्करण की शुरुआत हो गई है। 12-13 सितंबर को आयोजित इस रेसिंग इवेंट में देश के एमेच्योर और प्रोफेशनल राइडर्स ने ट्रैक पर अपनी रफ्तार और कौशल का प्रदर्शन किया। रॉयल एनफील्ड ने इस सीजन में प्रतियोगिता का स्वरूप भी बदला है, जिससे मुकाबला पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया है।

इस बार अलग-अलग ग्रिड, अलग बाइक

2026 सीजन की सबसे बड़ी खासियत एमेच्योर और प्रोफेशनल राइडर्स के लिए अलग-अलग ग्रिड और रेसिंग प्लेटफॉर्म है। एमेच्योर वर्ग में GT-R650, जबकि प्रोफेशनल वर्ग में नई GT-R750 रेस प्रोटोटाइप को उतारा गया है। GT-R750 इस चैंपियनशिप के लिए इस साल की सबसे बड़ी तकनीकी पेशकश है। यह 750 सीसी ट्विन-सिलेंडर प्लेटफॉर्म पर आधारित रेस मशीन है, जिसे खास तौर पर ट्रैक रेसिंग के लिए तैयार किया गया है।

35 राइडर्स ने बढ़ाया ट्रैक का रोमांच

इस सीजन में एमेच्योर वर्ग के 20 और प्रोफेशनल वर्ग के 15 राइडर्स ग्रिड पर उतरे। दोनों वर्गों को अलग रखने का उद्देश्य राइडर्स को उनके अनुभव और प्रतिस्पर्धी स्तर के अनुरूप मुकाबले का मंच देना है। कॉन्टिनेंटल जीटी कप को भारत की ग्रासरूट मोटरसाइकिल रेसिंग में महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म माना जाता है। इसकी शुरुआत 2021 में हुई थी और शुरुआती संस्करण में भी कारी मोटर स्पीडवे ने रेसिंग एक्शन की मेजबानी की थी।

GT-R750 पर नजर

प्रोफेशनल राइडर्स के लिए नई GT-R750 का इस्तेमाल इस सीजन को खास बनाता है। नई रेस मशीन के साथ रफ्तार, ब्रेकिंग और कॉर्नरिंग के स्तर पर राइडर्स की परीक्षा और कड़ी हो गई है। वहीं एमेच्योर राइडर्स GT-R650 पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इस तरह चैंपियनशिप में एक तरफ अनुभवी प्रोफेशनल्स की हाई-परफॉर्मेंस रेसिंग देखने को मिल रही है तो दूसरी ओर नए और उभरते राइडर्स को भी प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल रहा है।

ग्रासरूट रेसिंग को मिल रहा मंच

कॉन्टिनेंटल जीटी कप की खासियत यह है कि यह केवल स्थापित राइडर्स तक सीमित नहीं है। प्रतियोगिता का ढांचा नए राइडर्स को मोटरस्पोर्ट में आगे बढ़ने का अवसर देता है। 2026 सीजन में भी इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए प्रोफेशनल और एमेच्योर वर्गों को अलग-अलग प्रतिस्पर्धा में उतारा गया है।