केरल CM का AI डांस वीडियो वायरल, 1.78 करोड़ व्यूज के बाद Meta ने भारत में लगाया प्रतिबंध

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तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया एक डांस वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल होने के बाद अब भारत में देखने से रोक दिया गया है। वीडियो में मुख्यमंत्री को केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB) के कर्मचारियों के साथ डांस करते हुए दिखाया गया था। इंस्टाग्राम पर यह वीडियो करीब 1.78 करोड़ व्यूज हासिल कर चुका था।

वीडियो को इंस्टाग्राम के ‘AI Kavala’ पेज पर पोस्ट किया गया था। यह वीडियो ऐसे समय वायरल हुआ, जब केरल में बिजली कटौती और बिजली संकट को लेकर सरकार तथा KSEB की आलोचना हो रही थी। AI तकनीक से तैयार इस वीडियो में मुख्यमंत्री के डिजिटल रूप को KSEB कर्मचारियों के साथ डांस करते हुए दिखाया गया।

सरकार की सूचना के बाद Meta ने सीमित की पहुंच

वीडियो के क्रिएटर्स के अनुसार Meta ने भारत में इसकी पहुंच को एक कानूनी अनुरोध के बाद सीमित किया है। ‘AI Kavala’ की ओर से साझा किए गए Meta के संदेश में कहा गया कि भारत में सामग्री तक पहुंच सरकार की ओर से मिले नोटिस के बाद प्रतिबंधित की गई है। हालांकि, Meta की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वीडियो पर कार्रवाई किस विशेष आधार पर की गई।

बताया गया है कि भारत के बाहर कुछ जगहों पर वीडियो अभी भी देखा जा सकता है। वीडियो के पेज संचालक ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत के कारण वीडियो पर कार्रवाई हुई है।

मुख्यमंत्री ने खुद लिया था वीडियो का मजाकिया अंदाज में जिक्र

दिलचस्प बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने खुद एक कार्यक्रम में इसका जिक्र किया था। उन्होंने वीडियो को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि AI की मदद से तैयार उनके डांस ने उन्हें अभिनेता मोहनलाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं अभिनेता विजय से भी बेहतर डांसर बना दिया। इससे पहले वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया ने भी इसे सोशल मीडिया पर चर्चा में बनाए रखा था।

बिजली संकट की पृष्ठभूमि में बनाया गया था वीडियो

यह AI वीडियो केरल में बिजली कटौती को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया था। वीडियो में मुख्यमंत्री और KSEB कर्मचारियों को एक साथ डांस करते दिखाकर मौजूदा बिजली संकट पर व्यंग्य किया गया था। इसी वजह से वीडियो तेजी से सोशल मीडिया यूजर्स के बीच लोकप्रिय हुआ।

AI कंटेंट को लेकर फिर उठे सवाल

इस घटना ने सोशल मीडिया पर AI से तैयार वीडियो की बढ़ती पहुंच और उससे जुड़े नियमन को लेकर बहस को भी तेज कर दिया है। किसी सार्वजनिक व्यक्ति का चेहरा या डिजिटल रूप इस्तेमाल कर तैयार किए गए वीडियो वास्तविक और कृत्रिम सामग्री के बीच अंतर को लेकर भ्रम पैदा कर सकते हैं।