किरण गढ़वाल के नामांकन विवाद और निगम फाइल प्रकरण को लेकर जताया विरोध
अजमेर। नगर निगम महापौर चुनाव को लेकर अजमेर में सियासी हलचल लगातार तेज हो रही है। इसी बीच शनिवार को ज्योतिबा फुले सर्किल स्थित शहर जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस की ओर से ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ का आयोजन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस आयोजन के जरिए भाजपा और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की।
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल बनकर उभरी है, जबकि भाजपा के 32 पार्षद हैं और 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। महापौर चुनाव के लिए 41 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।
किरण गढ़वाल के नामांकन विवाद के बाद बढ़ा सियासी तापमान
कांग्रेस का यह आयोजन महापौर पद की प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन को लेकर भाजपा की ओर से उठाई गई आपत्ति और उसके बाद हुए घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में हुआ। भाजपा ने गढ़वाल के नामांकन से संबंधित आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसे निर्वाचन अधिकारियों ने खारिज कर दिया। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन बरकरार रहा।
कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि ये राजनीतिक आरोप हैं और इन पर भाजपा का पक्ष अलग हो सकता है।
निगम की फाइलों को लेकर भी कांग्रेस का विरोध
सद्बुद्धि यज्ञ से पहले कांग्रेस ने नगर निगम की कुछ फाइलों और दस्तावेजों को कथित रूप से हटाए जाने के मामले को लेकर भी विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन से मामले में कार्रवाई तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनाव आचार संहिता के दौरान निगम से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों को हटाया गया। इस मामले में कांग्रेस ने प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
‘सद्बुद्धि’ यज्ञ के जरिए राजनीतिक संदेश
कांग्रेस नेताओं ने यज्ञ के दौरान भाजपा की कथित चुनावी रणनीति और पार्षदों को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर निशाना साधा। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव की मांग से जोड़ते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
मेयर चुनाव से पहले दोनों दल अपने-अपने पार्षदों के समर्थन को लेकर सक्रिय हैं। मीडिया रिपोर्टों में भाजपा द्वारा अपने पार्षदों को जयपुर से बाहर रखने और कांग्रेस की ओर से निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के दावे भी सामने आए हैं।
21 सितंबर को होगा मेयर पद का फैसला
अजमेर नगर निगम में मेयर पद के लिए कांग्रेस की ओर से किरण गढ़वाल और भाजपा की ओर से अनामिका शर्मा मैदान में हैं। कांग्रेस के पास 37 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 32 पार्षद हैं। 11 निर्दलीय पार्षदों के कारण चुनाव का गणित बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए समर्थन जुटाने पर निर्भर है।



