जयपुर, जोधपुर एवं कोटा जिले में 4 निकायों में अध्यक्ष के लिए 12 प्रत्याशियों ने किया नामांकन

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जयपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए भाजपा के सुनील कोठारी ने भरा नामांकन।

जयपुर में भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता महावर आमने-सामने
कोटा में कांग्रेस की सुनीता सुमन-भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी के बीच मुकाबला

जयपुर। राजस्थान के प्रमुख नगर निगमों में महापौर चुनाव को लेकर शनिवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा कोटा जिले की सुकेत नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए निर्धारित समय तक प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए। अब 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच और 22 सितंबर को नाम वापसी के बाद अंतिम उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होगी। इन निकायों में अध्यक्ष पद के लिए मतदान 25 सितंबर को होगा और मतदान के बाद ही मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।

जयपुर में भाजपा के सुनील कोठारी, कांग्रेस की सुनीता महावर मैदान में

जयपुर नगर निगम महापौर पद के लिए शनिवार को चार नामांकन दाखिल हुए। भाजपा की ओर से पूर्व शहर अध्यक्ष एवं वार्ड 112 के पार्षद सुनील कोठारी ने नामांकन भरा। कांग्रेस की ओर से चार बार की पार्षद सुनीता महावर ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया।

कांग्रेस की सुनीता मेठी और दशरथ अटल ने भी नामांकन दाखिल किया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से सुनीता महावर को अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अंतिम मुकाबले की तस्वीर नाम वापसी और नामांकन जांच के बाद स्पष्ट होगी।

कोटा में कांग्रेस की सुनीता सुमन बनाम भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी

कोटा नगर निगम में महापौर पद के लिए कांग्रेस ने वार्ड 17 की पार्षद सुनीता कुमारी सुमन को मैदान में उतारा है। उन्होंने शनिवार को नामांकन दाखिल किया। भाजपा ने नामांकन की समय सीमा समाप्त होने से कुछ समय पहले वार्ड 98 की पार्षद अनुसुईया गोस्वामी के नाम की घोषणा की और उनका भी नामांकन दाखिल कराया गया। इस तरह कोटा में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के सामने आने के बाद मुकाबले का प्रमुख चेहरा स्पष्ट हो गया है।

जोधपुर में भी महापौर चुनाव की तैयारी तेज

जोधपुर नगर निगम में भी महापौर चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भाजपा ने सात निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया है। इससे निगम में भाजपा समर्थक पार्षदों की संख्या 52 बताई गई है। महापौर चुनाव से पहले पार्षदों की लामबंदी और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

25 सितंबर को होगा फैसला

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए 19 सितंबर तक नामांकन दाखिल किए गए। 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 22 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

इसके बाद 25 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अध्यक्ष/महापौर पद के लिए मतदान होगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। वहीं उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया 26 सितंबर को पूरी होगी।

रिपोलिंग के बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया

जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगरपालिका के कुछ वार्डों में ईवीएम से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इन क्षेत्रों में 16 सितंबर को पुनर्मतदान कराया गया और 17 सितंबर को परिणाम घोषित होने के बाद अब महापौर एवं अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।