चित्तौड़गढ़ में गणपति विसर्जन के दौरान हादसे, तीन लोगों की डूबने से मौत

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निंबाहेड़ा में खदान के गहरे पानी ने ली दो की जान
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में गणपति विसर्जन की खुशियां कुछ परिवारों के लिए मातम में बदल गईं। शुक्रवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान पानी में डूबने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें दो हादसे निंबाहेड़ा क्षेत्र में सामने आए।

जानकारी के अनुसार निंबाहेड़ा क्षेत्र में गणपति प्रतिमा विसर्जन के दौरान खदान में भरे गहरे पानी में उतरने से दो लोग डूब गए। मृतकों की पहचान महावीर सिंह और ओमप्रकाश कुमावत के रूप में बताई गई है। प्रकाशित रिपोर्ट में महावीर सिंह की उम्र करीब 40 वर्ष और ओमप्रकाश की उम्र 19 वर्ष बताई गई है।

प्रतिमा विसर्जन के दौरान अचानक दोनों गहरे पानी की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा।

रानीखेड़ा में महिला को लोगों ने बचाया

इसी दौरान रानीखेड़ा क्षेत्र की एक खदान में गणपति विसर्जन के समय एक महिला के पानी में डूबने की घटना भी सामने आई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में छलांग लगाई और महिला को बाहर निकाल लिया। समय रहते मदद मिलने से उसकी जान बच गई।

जिले के एक अन्य क्षेत्र में विसर्जन के दौरान पानी में डूबने से एक और व्यक्ति की मौत होने की सूचना है। इस तरह गणपति विसर्जन से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई।

शहर में तड़के तक चला विसर्जन समारोह

दूसरी ओर, चित्तौड़गढ़ शहर में गणपति विसर्जन का मुख्य चल समारोह शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ। गणपति बप्पा के जयकारों के बीच विभिन्न पांडालों और घरों में स्थापित प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया। शहर में देर रात से शनिवार तड़के तक विसर्जन का क्रम चलता रहा।

गणेश विसर्जन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रमुख मार्गों और विसर्जन स्थलों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। एक तरफ शहर में श्रद्धा और उल्लास के साथ गणपति को विदाई दी गई, वहीं जिले में डूबने से हुई तीन मौतों ने उत्सव के माहौल को गमगीन कर दिया।