मुंबई। सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ ने अपने प्रसारण का अहम पड़ाव पार करते हुए 100 एपिसोड पूरे कर लिए हैं। इस उपलब्धि को शो की पूरी टीम ने सेट पर केक काटकर सेलिब्रेट किया। पांडवों और कौरवों की भूमिका निभा रहे युवा कलाकारों के साथ वरिष्ठ कलाकार और क्रू सदस्य भी जश्न में शामिल हुए। सोनी लिव पर भी शो के 100 से अधिक एपिसोड सूचीबद्ध हैं।
‘हस्तिनापुर के वीर’ का प्रसारण 2 जून 2026 को शुरू हुआ था। महाभारत की कथा को अलग दृष्टिकोण से पेश करने वाला यह धारावाहिक मुख्य रूप से पांडवों और कौरवों के शुरुआती जीवन, उनकी परवरिश, आपसी रिश्तों, प्रतिद्वंद्विता और उन परिस्थितियों पर केंद्रित है, जिन्होंने आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और फैसलों को प्रभावित किया।
शो में भीष्म पितामह की भूमिका अभिनेता मनीष वाधवा निभा रहे हैं, जबकि कुंती के किरदार में तोरल रसपुत्रा नजर आ रही हैं। युवा पांडवों में अथर खान युधिष्ठिर, सुभाष सिंह भीम, उर्वा सावलिया अर्जुन, हरित गबानी नकुल और मयंक यादव सहदेव की भूमिका में हैं। दुर्योधन का किरदार आयुध भानुशाली निभा रहे हैं।
100 एपिसोड पूरे होने का मौका कलाकारों और तकनीकी टीम के लिए खास रहा। सेट पर हुए सेलिब्रेशन के दौरान कलाकारों ने इस सफर को यादगार बताते हुए दर्शकों से मिले प्यार और समर्थन के प्रति खुशी जताई। भीष्म पितामह बने मनीष वाधवा का युवा कलाकारों के साथ भी खास जुड़ाव रहा है। वह पहले भी बता चुके हैं कि पांडव-कौरव की भूमिका निभाने वाले बच्चे सेट पर उन्हें किरदार से बाहर भी ‘पितामह’ कहकर बुलाने लगे थे।
धारावाहिक की खासियत यह है कि महाभारत के चर्चित युद्ध प्रसंगों की ओर सीधे बढ़ने के बजाय इसमें पात्रों के बचपन और उनके व्यक्तित्व के निर्माण को विस्तार से दिखाया गया है। युधिष्ठिर के कर्तव्यबोध, भीम की न्यायप्रिय प्रवृत्ति, अर्जुन की खुद को साबित करने की चाह और दुर्योधन की महत्वाकांक्षा जैसे पहलुओं के जरिए कहानी को आगे बढ़ाया गया है।
100 एपिसोड का पड़ाव पार करने के साथ अब ‘हस्तिनापुर के वीर’ की कहानी युवा पांडवों और कौरवों के जीवन के अगले अध्यायों की ओर बढ़ रही है।



