13 महीने में 126 सुनवाई, 22 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला; अभियोजन ने मांगी अधिकतम सजा
मेरठ। देशभर में चर्चित सौरभ राजपूत ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या का दोषी करार दिया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत अब दोनों की सजा पर 14 अक्टूबर को सुनवाई करेगी। अभियोजन पक्ष ने अपराध की प्रकृति को देखते हुए दोनों को अधिकतम सजा देने की मांग की है।
करीब 13 महीने चले मुकदमे में 126 सुनवाई हुईं और अभियोजन की ओर से 22 गवाह अदालत में पेश किए गए। इनमें नीला ड्रम, सीमेंट और वारदात में इस्तेमाल सामान की खरीद से जुड़े लोगों के अलावा होटल संचालकों तथा कैब चालकों की गवाही भी शामिल रही। अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की थी।
नीला ड्रम बना मामले का अहम सबूत
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। अभियोजन के मुताबिक मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की और इसके बाद शव के टुकड़े कर उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखकर सीमेंट से ढक दिया। बाद में घर से सौरभ के अवशेष बरामद होने पर सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ। इसी नीले ड्रम के कारण मामला देशभर में ‘ब्लू ड्रम मर्डर केस’ के नाम से चर्चित हो गया।
जांच के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में पुलिस की जांच और अभियोजन की ओर से पेश परिस्थितिजन्य तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी पाया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुना फैसला
फैसले के दौरान मुस्कान और साहिल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। सरकारी अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे के मुताबिक अब अदालत दोनों दोषियों को सजा के सवाल पर अपना पक्ष रखने का अवसर देगी, जिसके बाद सजा निर्धारित की जाएगी।
अभियोजन ने अदालत से दोनों के लिए अधिकतम सजा की मांग की है। वहीं सौरभ के परिजन भी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि दोनों को मृत्युदंड, उम्रकैद अथवा कानून के तहत कोई अन्य सजा मिलेगी, इसका निर्णय अदालत 14 अक्टूबर की सुनवाई में करेगी।
13 महीने तक चला मुकदमा
जुलाई 2025 में मुकदमे की सुनवाई शुरू होने के बाद अभियोजन और बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष अपने-अपने तर्क तथा साक्ष्य रखे। मामले में ड्रम और सीमेंट की खरीद से लेकर आरोपियों की आवाजाही और अलग-अलग स्थानों पर ठहरने से संबंधित रिकॉर्ड भी अदालत के सामने रखे गए। 22 महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही और लंबी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी ठहराया। अब इस बहुचर्चित मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 14 अक्टूबर है, जब अदालत दोषियों की सजा पर अपना आदेश सुनाएगी।



