मनीष टांक अजमेर AAP यूथ विंग जिलाध्यक्ष और एकता पंवार जिला उपाध्यक्ष नियुक्त

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अजमेर में AAP ने संगठन में बांटी नई जिम्मेदारियां, मनीष टांक यूथ विंग जिलाध्यक्ष और एकता पंवार जिला उपाध्यक्ष नियुक्त
अजमेर। आम आदमी पार्टी (AAP) ने अजमेर जिले में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में नई नियुक्तियां की हैं। पार्टी की ओर से 30 सितंबर को जारी सूची में मुख्य संगठन के साथ महिला और युवा विंग तथा विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

नई नियुक्तियों में हेमंत गहरवाल को अजमेर मेन विंग का संगठन मंत्री बनाया गया है। महिला संगठन की कमान पूनम मेहरा को सौंपते हुए उन्हें अजमेर महिला विंग का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि एकता पंवार को महिला विंग की जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।

युवा संगठन में मनीष टांक को अजमेर जिला यूथ विंग का अध्यक्ष तथा अमित जोशी को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है। नवीन चौहान को अजमेर में सोशल मीडिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अजमेर शहर के विधानसभा क्षेत्रों में भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की गई हैं। मनोज काठिया को अजमेर दक्षिण विधानसभा अध्यक्ष, आफाक अली को अजमेर उत्तर विधानसभा प्रभारी और विनोद रामचंदानी को अजमेर उत्तर विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

पुष्कर, नसीराबाद और किशनगढ़ में भी नियुक्तियां

पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में हिमनंदिनी चौहान को मेन विंग जिला सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बहादुर खान को पुष्कर विधानसभा अध्यक्ष तथा भूपेंद्र सानोद को विधानसभा प्रभारी बनाया गया है।

नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सोनू चौकडीवाल को देते हुए उन्हें विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए जारी सूची में गिरधारी कुमावत और राम कंवर के नाम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में शामिल हैं, जबकि कैलाश बारेठ को विधानसभा प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हाल में हुए अजमेर नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कई वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें नई संगठनात्मक जिम्मेदारी पाने वाले मनीष टांक, एकता पंवार, अमित जोशी और विनोद रामचंदानी भी पार्टी प्रत्याशियों के रूप में चुनाव मैदान में थे।

नई नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने मुख्य संगठन के साथ महिला और युवा इकाइयों तथा विधानसभा स्तर पर संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया है। अजमेर नगर निगम चुनाव के बाद किए गए इस संगठनात्मक बदलाव को जिले में पार्टी का नेटवर्क मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।