धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर में लोगों की सेहत से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। कोतवाली थाना पुलिस ने गुर्जर कॉलोनी में जाहिद होटल के पीछे चल रही कथित नकली दूध बनाने की फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यहां पाम ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर समेत अन्य सामग्री से दूध तैयार कर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस को मौके पर एक टैंकर में करीब 4 हजार लीटर संदिग्ध दूध भरा मिला। जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर में बड़ी मात्रा में पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर और दूध तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी मिली। पुलिस के मुताबिक इस कारोबार से जुड़े लोग प्रतिदिन करीब 12 हजार से 20 हजार लीटर दूध राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश तक भेजते थे।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
थाना प्रभारी रामकिशन यादव के अनुसार पुलिस को गश्त के दौरान नकली दूध तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने गुर्जर कॉलोनी में जाहिद होटल के पीछे बताए गए ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस को वहां टैंकर के अलावा दूध तैयार करने का काम चलता हुआ मिला। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर कुछ लोग मौके से भाग निकले।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने राघवेंद्र उर्फ सोनू शर्मा और रामू शर्मा को गिरफ्तार किया। टैंकर चालक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में इस कारोबार से जुड़े नेटवर्क और दूध की सप्लाई के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
पाम ऑयल और मिल्क पाउडर का मिला बड़ा स्टॉक
फैक्ट्री की तलाशी में पाम ऑयल के 124 भरे हुए पीपे और 60 खाली पीपे, करीब 40 कट्टे स्किम्ड मिल्क पाउडर, खाली ड्रम, लिक्विड ग्लूकोज, मशीनें, गैस चूल्हे, सिलेंडर और जनरेटर सहित अन्य सामान मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इन्हीं सामग्रियों का इस्तेमाल कथित रूप से दूध तैयार करने में किया जा रहा था।
स्वास्थ्य विभाग ने लिए सैंपल, गोदाम सील
मामले की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। सीएमएचओ डॉ. धर्म सिंह मीणा की मौजूदगी में टैंकर और फैक्ट्री में रखे दूध के नमूने लिए गए। फूड इंस्पेक्टर ने भी सैंपलिंग की कार्रवाई की। इसके बाद संबंधित परिसर को सील कर दिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार टैंकर में मौजूद करीब 4 हजार लीटर संदिग्ध दूध को स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में जंगल क्षेत्र में खाली कराया गया, ताकि उसका इस्तेमाल न किया जा सके। अब लिए गए नमूनों की जांच के बाद दूध की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें मिलाई गई सामग्री के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
तीन राज्यों तक सप्लाई का दावा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर तैयार किया जा रहा दूध केवल धौलपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी इसकी सप्लाई की जाती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई के ठिकानों की जानकारी जुटाने में लगी है।



