अजमेर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू) में स्वच्छता अभियान चलाया गया। कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में अजमेर नगर निगम की महापौर अनामिका शर्मा ने भी सहभागिता की। दोनों ने विश्वविद्यालय परिसर में श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
सुबह राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से जुड़े विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर के उद्यानों और मैदानों में सफाई अभियान चलाया। विद्यार्थियों ने श्रमदान करते हुए परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने का संकल्प लिया। अभियान में शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अतिथि संकाय सदस्यों ने भी भाग लिया।
गांधीजी के विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर
महर्षि दयानंद सरस्वती की प्रतिमा के समीप मार्ग की सफाई में कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल और महापौर अनामिका शर्मा ने स्वयं श्रमदान किया। इसके बाद स्वराज सभागार में महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने कहा कि गांधी जयंती केवल औपचारिक आयोजन का अवसर नहीं है, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने आचरण में उतारने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि गांधीजी को संस्थानों और आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय उनके विचारों को संस्कारों का हिस्सा बनाने की जरूरत है।
उन्होंने सत्य, अहिंसा, ईमानदारी, सत्याग्रह और निर्भीकता को गांधीजी के जीवन के प्रमुख मूल्यों के रूप में बताते हुए कहा कि इन मूल्यों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनका पालन व्यवहार में किया जाए।
कुलगुरु ने गांधीजी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी कमजोरियों और अनुभवों को स्वीकार करने का साहस भी गांधीजी के व्यक्तित्व की विशेषता थी। उन्होंने कहा कि जीवन में आत्मनिरीक्षण और ईमानदारी का भाव विकसित करना गांधीजी के प्रति सच्चा सम्मान होगा।
विरोध का जवाब संवाद और विवेक से
प्रो. अग्रवाल ने गांधीवादी विचारधारा की चर्चा करते हुए कहा कि विरोधी को शत्रु मानने के बजाय विवेक, संवाद और सद्भाव के माध्यम से परिस्थितियों का समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांधीजी का स्वराज केवल राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें आत्मअनुशासन और स्वयं पर नियंत्रण का भाव भी शामिल था।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति गांधीजी के आदर्शों का कुछ हिस्सा भी ईमानदारी से अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा मजबूत हो सकती है। उनके अनुसार गांधीजी के मूल्यों को अपनाना ही राष्ट्रपिता के प्रति वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।
महापौर ने जताई सेवा कार्यों में भागीदारी की प्रतिबद्धता
महापौर अनामिका शर्मा ने कहा कि समाजसेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों में जहां भी जरूरत होगी, वह आगे रहकर योगदान देने के लिए तैयार रहेंगी।
उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत बनाने का आह्वान किया। साथ ही सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में कुलगुरु ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा स्वच्छता अभियान में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।



