पंचायतीराज आम चुनाव : अजमेर जिले में आदर्श आचार संहिता की पालना होगी सुनिश्चित

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अजमेर। पंचायतीराज आम चुनाव 2026 के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही अजमेर जिले के संबंधित पंचायतीराज क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहने वाली आचार संहिता के तहत सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों से राजनीतिक प्रचार सामग्री हटाने के साथ ही सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर भी निगरानी रखी जाएगी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी किए जाने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसके पालन के लिए जिला स्तर पर आवश्यक कार्ययोजना के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

24 घंटे में सरकारी संपत्तियों से हटेंगे पोस्टर-बैनर

आचार संहिता लागू होने के 24 घंटे के भीतर सरकारी संपत्तियों पर लगे पोस्टर, बैनर और अन्य प्रचार सामग्री हटाई जाएगी। सरकारी कार्यालयों में राजनीतिक व्यक्तियों के फोटो, तस्वीरें, पोस्टर और बैनर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सरकारी योजनाओं से जुड़े ऐसे पोस्टर, होर्डिंग्स और बैनर भी हटाए जाएंगे, जिन पर राजनीतिक व्यक्तियों या पदाधिकारियों के फोटो प्रदर्शित हैं। सरकारी वाहनों के दुरुपयोग की रोकथाम तथा चुनाव संबंधी शिकायतों की निगरानी भी की जाएगी।

सार्वजनिक स्थानों पर भी होगी कार्रवाई

आचार संहिता लागू होने के 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक संपत्तियों के विरूपण और सार्वजनिक स्थानों के दुरुपयोग के मामलों में कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर लगाए गए पोस्टर और बैनर हटाने के साथ राजनीतिक दलों की प्रचार सामग्री को भी हटाया जाएगा।

72 घंटे में निजी संपत्तियों पर लगी प्रचार सामग्री भी हटेगी

निर्धारित प्रक्रिया के तहत 72 घंटे के भीतर निजी संपत्तियों पर संपत्ति विरूपण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के विपरीत लगाए गए पोस्टर और बैनर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। रिटर्निंग अधिकारी की अनुमति के बिना लगाए गए राजनीतिक पोस्टर, होर्डिंग्स और बैनर भी हटाए जाएंगे।

इसके अलावा सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों पर नियमों के विपरीत लिखे गए राजनीतिक स्लोगन मिटाने की कार्रवाई होगी। आचार संहिता के तहत विकास एवं निर्माण से संबंधित ऐसी गतिविधियों पर भी रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी, जो निर्वाचन नियमों के दायरे में आती हैं।

प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पंचायतीराज चुनाव की प्रक्रिया निष्पक्ष और निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हो सके।