सीमापुरी हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 5, सामने आई मकान ढहने की वजह

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नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में पांच मंजिला मकान गिरने से मरने वालों की संख्या 5 हो गई है। मरने वालों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है।

बताया गया कि दो और लोगों की मौत गुरुवार सुबह हुई हैं। दोनों की पहचान नहीं हुई है। दोनों के शव कुचली हुई हालत में मिले हैं। मलबे में दबा एक आवारा कुत्ता जिंदा बचा है। बचाव कार्य जारी है।

कुछ और लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी कुछ और लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। बुलडोजर से मलबा हटाने का काम जारी है। जगह संकरी होने व आसपास के मकान क्षतिग्रस्त होने से बचाव कार्य करने में समस्या आ रही है।

जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि हादसे की मुख्य तीन वजह निकालकर सामने आ रही है। पहली जो मकान गिरा है, उसके बराबर वाले मकान में निर्माण कार्य (मरम्मत) का काम चल रहा था।

वहीं, दूसरा जो मकान गिरा है, वह पुराना था और अवैध तरीके से बना हुआ था। तीसरा भूकंप है। लोगों के अनुसार भूकंप की वजह से मकान में दरार आ गई थी, आशंका है कि उस वजह से भी मकान गिरा। बचाव कार्य जारी है। चार घायलों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

मलबे में फंसी 4 महीने की गर्भवती ने कॉल कर मांगा था पानी

हादसे में 21 साल की गुलफसा भी मारी गईं, जो चार महीने की गर्भवती थीं। गुलफसा अपने मायके में रह रही थीं और हादसे के वक्त दूसरी मंजिल के बाथरूम में थीं। गुलफसा को मलबे के नीचे दबे होने के बावजूद होश था। उन्होंने मलबे के अंदर से अपने एक रिश्तेदार को फोन किया और बताया कि वह बाथरूम में फंसी हैं। इसके बाद परिवार ने यह जानकारी राहत और बचाव टीमों को दी। उनके चाचा सलीम के मुताबिक, बचावकर्मियों ने दूसरी मंजिल की ऊंचाई और गुलफसा की बताई जगह के आधार पर मलबे में उनकी लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद मलबा काटकर उन्हें बाहर निकाला गया। गुलफसा ने मलबे के अंदर से पानी भी मांगा था। उनके रिश्तेदार मासूम ने बताया कि उनका गला सूख रहा था और वह काफी देर से मलबे में फंसी थीं। परिवार लगातार उनके सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद कर रहा था। आखिरकार गुलफसा को मलबे से बाहर निकाला गया और जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।