विमान में महिला यात्री से भिड़े सीजेपी सह-संयोजक सौरव दास, ‘शर्म आनी चाहिए’ वाली बहस का वीडियो वायरल

0

प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले तीन नेताओं को विमान उतरते ही हिरासत में लेने का दावा, कार्रवाई पर पार्टी ने उठाए सवाल
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित आंदोलन से पहले उसके नेताओं को हिरासत में लिए जाने का मामला चर्चा में है। इसी बीच पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और विमान में मौजूद एक महिला यात्री के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल क्लिप को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा हो रही है। महाराष्ट्र भाजपा की ओर से भी यह वीडियो साझा किए जाने की बात सामने आई है।

उपलब्ध वीडियो में दिखाई देता है कि पुलिसकर्मी सौरव दास को विमान से ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला यात्री और दास के बीच कहासुनी शुरू हो जाती है। बहस के दौरान दास महिला से कहते सुनाई देते हैं, ‘तुम्हें शर्म आनी चाहिए।’ इस पर महिला भी जवाब देते हुए कहती है, ‘तुमको शर्म आनी चाहिए।’

महिला इसके बाद दास के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहती है कि वह जो कर रहे हैं, वह गलत है। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो में बहस की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और उससे पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी, यह स्पष्ट नहीं हो पाता।

विमान के भीतर पहुंचे पुलिसकर्मी, नेताओं ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति

यह घटनाक्रम उस समय का बताया जा रहा है, जब 10 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन से पहले सीजेपी नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के उतरने के बाद हिरासत में लिया गया। पार्टी की ओर से साझा किए गए एक अन्य वीडियो में अभिजीत दीपके पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते सुनाई देते हैं।

दीपके का कहना है कि पुलिस उन्हें विमान से बाहर नहीं निकलने दे रही और इस कारण अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह पुलिस अधिकारियों के विमान के भीतर पहुंचने पर सवाल उठाते हुए इसे अलोकतांत्रिक कार्रवाई बताते हैं। वीडियो में वह यह भी कहते सुनाई देते हैं कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए नहीं आए हैं और पुलिस चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद

पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिए जाने से पहले पुलिसकर्मियों की ओर से कथित तौर पर बताया गया कि उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। इस पर दीपके ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नेताओं के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, मानो वे अपराधी हों।

सीजेपी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए यह कार्रवाई पहले से नियोजित थी। पार्टी ने इसे स्वतंत्र रूप से आवाजाही करने और अपनी बात रखने के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताते हुए तीनों नेताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की।

सोशल मीडिया पर चर्चा, लेकिन पूरे घटनाक्रम पर तस्वीर स्पष्ट नहीं

सौरव दास और महिला यात्री के बीच हुई बहस का वीडियो सामने आने के बाद हिरासत की कार्रवाई के साथ-साथ विमान के भीतर हुए घटनाक्रम पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में बहस का पूरा संदर्भ सामने नहीं आता।

फिलहाल इस मामले में दो पहलू चर्चा के केंद्र में हैं—एक ओर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर सीजेपी की आपत्ति और दूसरी ओर विमान में महिला यात्री के साथ सौरव दास की तीखी बहस।