नई दिल्ली। यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत से रिहा कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने के लिए भारत आए राठी को कथित तौर पर गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया था। रिहाई के दौरान पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर जाने से दूर रहने की हिदायत दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि उन्होंने वहां जाने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी के बीच हिरासत
ध्रुव राठी मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं और उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए थे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो बनाना शुरू किया। वह राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की आलोचना करने के कारण भी वह अक्सर चर्चा में रहते हैं।
बताया जा रहा है कि राठी 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में हुए सीजेपी के प्रदर्शन से पहले भारत लौटे थे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने की बात कही। शुक्रवार शाम को उन्होंने इंडिया गेट जाकर वीडियो भी बनाया था, जिसके बाद उनके दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद
रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार सुबह पुलिस ने गुरुग्राम स्थित राठी के आवास पर पहुंचकर उन्हें जंतर-मंतर नहीं जाने की सलाह दी थी। पुलिस का कहना था कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद उनके प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी की खबरों के बीच उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
बाद में पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के समय जंतर-मंतर से दूर रहने की हिदायत और दोबारा वहां पहुंचने पर कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक टिप्पणी और चेतावनी की विस्तृत शर्तों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सीजेपी के अन्य नेताओं को भी मिली राहत
इसी आंदोलन के सिलसिले में सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह सहित कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया था। रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेशी के बाद तीनों नेताओं को रिहा कर दिया गया।
पार्टी ने नेताओं और समर्थकों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। सीजेपी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।
राजनीतिक बहस के बीच आंदोलन पर नजर
ध्रुव राठी की हिरासत और रिहाई का मामला अब सीजेपी के आंदोलन से जुड़ा एक प्रमुख घटनाक्रम बन गया है। एक ओर पार्टी अपने विरोध प्रदर्शन को जारी रखने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन की अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल सामने हैं।



