यूपी चुनाव से पहले सपा को बड़ा झटका, तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल

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अमेठी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सपा से बगावत करने वाले तीन विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। अमेठी में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी की मौजूदगी में तीनों विधायकों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में राजनीतिक समीकरण मजबूत करने की भाजपा की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

भाजपा में शामिल होने वाले तीनों विधायक वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। हालांकि, फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान इन विधायकों ने सपा से अलग रुख अपनाते हुए भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद से ही इनके पार्टी नेतृत्व से मतभेद और राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज थीं।

अमेठी में भाजपा ने दिखाया सियासी दम

तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के लिए अमेठी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्मृति ईरानी के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे। अमेठी का चयन भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा के केंद्र में रहा है।

तीन विधायकों के पार्टी में आने से भाजपा को अलग-अलग क्षेत्रों में राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, समाजवादी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम अपने विधायकों के बीच असंतोष और संगठनात्मक एकजुटता के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

राकेश प्रताप सिंह: गौरीगंज से तीन बार विधायक

राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे और वर्ष 2017 तथा 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की। इससे पहले भी वह विधानसभा पहुंच चुके थे।

फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के बाद उनका सपा नेतृत्व से टकराव बढ़ गया था। जून 2025 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। वह विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सपा नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं। अब भाजपा में शामिल होने के बाद अमेठी की राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर नए समीकरण बनने की संभावना है।

अभय सिंह के भाजपा में आने से अयोध्या क्षेत्र में हलचल

अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधानसभा सीट से विधायक अभय सिंह भी समाजवादी पार्टी के चर्चित नेताओं में शामिल रहे हैं। उनका नाम पार्टी नेतृत्व से मतभेद और राजनीतिक बयानबाजी के कारण पहले भी सुर्खियों में रहा है।

राज्यसभा चुनाव के दौरान उनके रुख ने सपा से उनकी दूरी को स्पष्ट किया था। अब भाजपा में शामिल होने के बाद गोसाईंगंज और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी की राजनीतिक रणनीति को नई दिशा मिलने की संभावना है।

कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी बदला पाला

जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। वह वर्ष 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा पहुंचे थे। उनके राजनीतिक रुख को लेकर पहले से चर्चाएं चल रही थीं और अब भाजपा की सदस्यता लेने के साथ इन अटकलों पर विराम लग गया है।

उनके पाला बदलने से बुंदेलखंड क्षेत्र में भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक मुकाबले को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। आगामी चुनाव में स्थानीय समीकरणों पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

राज्यसभा चुनाव से शुरू हुई थी बगावत

तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने की पृष्ठभूमि फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव से जुड़ी है। उस दौरान समाजवादी पार्टी के कुछ विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग जाकर भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। इस घटनाक्रम से सपा को राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था।

अब तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने से उत्तर प्रदेश में दल-बदल की राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। भाजपा इसे अपने राजनीतिक विस्तार के अवसर के रूप में देख सकती है, जबकि समाजवादी पार्टी के सामने अपने संगठन और समर्थकों को एकजुट रखने की चुनौती होगी।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस घटनाक्रम का वास्तविक प्रभाव सीटवार राजनीतिक समीकरणों और मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा। फिलहाल तीन विधायकों का भाजपा में जाना प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।