सिरोही के रामझरोखा मैदान में गरबा की धूम, गुजराती रंग में घुली मारवाड़ की लोक संस्कृति

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‘मेहंदी तो मांडी मारवाड़नी एनो रंग गयो गुजरात रे’ जैसे गीतों पर देर रात तक थिरके श्रद्धालु, 54वें नवरात्रि महोत्सव में उमड़ा उत्साह
सिरोही। देवनगरी सिरोही के रामझरोखा मैदान में चल रहे 54वें नवरात्रि महोत्सव में इन दिनों गरबा और डांडिया रास की धूम मची हुई है। गुजराती लोक संस्कृति के रंगों के बीच मारवाड़ की पारंपरिक कला और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ‘मेहंदी तो मांडी मारवाड़नी एनो रंग गयो गुजरात रे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की धुन पर युवक-युवतियों और महिलाओं के थिरकते कदमों ने गरबा पांडाल का माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया।

शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन शाम ढलते ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाती है। माता जगदंबा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में लोग रामझरोखा मैदान पहुंच रहे हैं। वहीं, पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं और युवतियां गुजराती गरबा गीतों की लय पर सामूहिक नृत्य कर मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रही हैं।

गुजराती धुनों पर मारवाड़ी संस्कृति का रंग

महोत्सव की खास बात गरबा गीतों में गुजराती और मारवाड़ी संस्कृति का मेल है। ‘मेहंदी तो मांडी मारवाड़नी एनो रंग गयो गुजरात रे’ जैसे गीतों ने दोनों क्षेत्रों की लोक परंपराओं को एक मंच पर ला दिया है। गीतों की लय, पारंपरिक वेशभूषा और सामूहिक नृत्य के बीच सांस्कृतिक एकता की खूबसूरत झलक दिखाई दे रही है।

नवरात्र के छठे दिन देर रात तक गरबा आयोजन चलता रहा। ढोल-नगाड़ों की थाप और संगीत की स्वर लहरियों के बीच युवा वर्ग का उत्साह देखते ही बन रहा था। युवक-युवतियां गरबा के पारंपरिक चरणों के साथ ताल मिलाते नजर आए, वहीं महिलाएं भी पूरे उल्लास के साथ नृत्य में शामिल हुईं।

माता के दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

जगदम्बे नवयुवक मंडल के संरक्षक लोकेश खंडेलवाल के अनुसार, रामझरोखा मैदान में माता जगदंबा की प्रतिमा के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्त माता के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं। रात्रि आरती के दौरान भी श्रद्धालुओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है।

मैदान में की गई आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और माता के दरबार की भव्य व्यवस्था ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी है। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का यह संगम शहरवासियों के लिए नवरात्र का विशेष आकर्षण बना हुआ है।

गरबा प्रतिभागियों के लिए पुरस्कारों की व्यवस्था

जगदम्बे नवयुवक मंडल की ओर से इस वर्ष गरबा करने वाले प्रतिभागियों के लिए विभिन्न पुरस्कारों की व्यवस्था भी की गई है। इससे गरबा खेलने वाले युवक-युवतियों और महिलाओं में खासा उत्साह है। आयोजन में भागीदारी बढ़ाने और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से मंडल की टीम व्यवस्थाओं को संभाल रही है।

मंडल के मुख्य संरक्षक सुरेश सगरवंशी, संरक्षक गिरीश सगरवंशी, गांधीभाई पटेल, विजय पटेल सहित अन्य सदस्य आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। गरबा पांडाल में श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम के सुचारू संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का हुआ स्वागत

गरबा आयोजन के दौरान वरिष्ठ नेता दिलीपसिंह मांडानी, नवनिर्वाचित पार्षद ईश्वरसिंह डाबी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्रसिंह डाबी, पार्षद हरिओम दत्ता, गीता पुरोहित, चेतन डांगी, आचार्य प्रदीप दवे, समाजसेवी लोकेश खंडेलवाल (चेन्नई), विनोद देवड़ा, भरत मालवीय, जतिन पटेल, विनोद मालवीय, अरुण ओझा, नैनाराम माली और जब्बरसिंह चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंडल की ओर से अतिथियों और उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।