नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के साथ ही देश के थोक जिंस बाजार में खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी का रुख देखने को मिला है। बीते सप्ताह चीनी के दाम औसतन 239 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गए। इसके साथ ही चावल, गेहूं, दालों और खाद्य तेलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार में चीनी के भाव लगातार दूसरे सप्ताह चढ़ने से कारोबारियों और उपभोक्ताओं की नजर अब आने वाले दिनों में कीमतों के रुख पर टिकी है।
थोक बाजार में सप्ताह के दौरान चीनी का औसत भाव 239 रुपए बढ़कर सप्ताहांत में 5,386 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। इससे पहले भी चीनी की कीमतों में तेजी का सिलसिला बना हुआ था। त्योहारी अवसरों पर मिठाइयों, घरेलू पकवानों और अन्य खाद्य उत्पादों में चीनी की खपत बढ़ने से बाजार में मांग को समर्थन मिलने की संभावना है।
खुदरा बाजार में भी बढ़े चीनी के दाम
चीनी की महंगाई का असर खुदरा बाजार में भी दिखाई दिया। सप्ताह के दौरान चीनी की कीमत औसतन 2.40 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ गई। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। त्योहारी खरीदारी के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के बीच कीमतों में यह बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए अहम है।
चीनी के साथ गुड़ के भाव में भी तेजी रही। सप्ताहभर में गुड़ औसतन 24 रुपए प्रति क्विंटल महंगा हो गया। इससे मीठे के बाजार में दोनों प्रमुख उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का रुख सामने आया।
चावल, गेहूं, दालें और तेल भी महंगे
खाद्य बाजार में तेजी केवल चीनी तक सीमित नहीं रही। चावल की औसत थोक कीमत सप्ताह के दौरान 193 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गई। गेहूं, विभिन्न दालों और खाद्य तेलों के भाव में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से आम उपभोक्ताओं के मासिक खर्च पर असर पड़ सकता है।
चावल और गेहूं रोजमर्रा के भोजन का प्रमुख हिस्सा हैं, जबकि दालों और खाद्य तेलों की खपत भी लगभग हर घर में होती है। ऐसे में इन वस्तुओं के दामों में एक साथ तेजी आने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
आगे कीमतों पर रहेगी नजर
त्योहारी सीजन में मांग, बाजार में उपलब्धता, आवक और थोक कारोबार की गतिविधियां खाद्य वस्तुओं के भाव को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। आने वाले दिनों में इन वस्तुओं की कीमतों में तेजी जारी रहती है या बाजार में स्थिरता आती है, यह मांग और आपूर्ति के संतुलन पर निर्भर करेगा।
फिलहाल उपलब्ध साप्ताहिक आंकड़े चीनी, चावल और अन्य खाद्य जिंसों के थोक बाजार में बढ़त का संकेत देते हैं। हालांकि, थोक भाव में हुई बढ़ोतरी का खुदरा बाजार में कितना और कब तक असर दिखाई देगा, यह अलग-अलग क्षेत्रों तथा बाजारों की स्थितियों पर निर्भर करेगा।



