पंजाब के संगरूर में तेज रफ्तार कार ने मनरेगा मजदूरों को कुचला, 9 की मौत

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लहरागागा-जाखल रोड पर काम कर रहे थे 23 मजदूर
संगरूर। पंजाब के संगरूर जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। लहरागागा-जाखल रोड पर गांव अलीशेर के पास सड़क किनारे काम कर रहे मनरेगा मजदूरों के समूह को तेज रफ्तार कार ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कम से कम 8 मजदूरों की मौत और 12 के घायल होने की पुष्टि पुलिस और प्रशासन की ओर से की गई है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 9 भी बताई गई है।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय करीब 23 महिला और पुरुष मजदूर सड़क से जुड़े काम में जुटे हुए थे। कुछ मजदूर सड़क किनारे बैठकर पानी पी रहे थे, तभी तेज गति से आई कार ने उन्हें कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

अचानक आई कार और मच गई चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मजदूर सड़क किनारे काम के दौरान कुछ समय के लिए रुके हुए थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर उनकी तरफ आ गई और कई श्रमिकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

अलीशेर गांव के बताए जा रहे मृतक

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर अलीशेर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। मृतकों में महिलाओं की संख्या भी अधिक होने की बात सामने आई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या तथा पहचान की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

चालक हादसे के बाद फरार होने की सूचना

हादसे के बाद कार चालक के मौके से फरार होने की खबरें हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार दुर्घटना में शामिल वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा हादसे के कारणों और चालक की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

कांग्रेस नेता राजा वडिंग ने जताया दुख

हादसे पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।

वडिंग ने प्रशासन से हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी के लिए मेहनत करने वाले गरीब मजदूरों के साथ हुई यह घटना बेहद पीड़ादायक है।

मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल

हादसे के बाद सड़क किनारे काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे स्थानों पर काम के दौरान बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और यातायात को नियंत्रित करने जैसी व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी थीं, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी। संगरूर प्रशासन ने घायलों को चिकित्सा सहायता और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही है।