अजमेर। शारदीय नवरात्र की महानवमी पर पुष्कर घाटी स्थित नौसर माता मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां नवदुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। पूरे परिसर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों, माता के जयकारों और भजन-कीर्तन से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मंदिर में पीठाधीश्वर रामाकृष्णा देव के सान्निध्य में महानवमी के विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोपहर सवा बारह बजे हवन की पूर्णाहुति के साथ कूष्मांड छाग बलि का अनुष्ठान संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और मां के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
महाआरती में शामिल हुए श्रद्धालु
महानवमी के अवसर पर शाम सात बजे मां नवदुर्गा की महाआरती की गई। आरती के दौरान मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए और आराधना की। दीपों की रोशनी, घंटियों की गूंज और भक्ति गीतों के बीच मंदिर का वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।
महाआरती के बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। भजन गायकों ने माता की महिमा का गुणगान किया। भक्ति संगीत पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों ने पूजा-अर्चना के बाद प्रसादी ग्रहण की।
एक ही स्थान पर विराजित हैं मां दुर्गा के नौ स्वरूप
पुष्कर घाटी स्थित नौसर माता मंदिर की विशेष धार्मिक पहचान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों से जुड़ी है। मान्यता के अनुसार यहां मां नवदुर्गा के नौ स्वरूप एक ही स्थान पर विराजित हैं। इसी विशेषता के कारण नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। महानवमी पर भी भक्तों ने मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद मांगा। नौसर माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां नवदुर्गा के चरणों में शीश नवाकर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रमों और देर रात तक गूंजते भजनों के साथ मंदिर में नवरात्र का उत्सवी माहौल बना रहा।



