कोटा में RSS का शताब्दी पथ संचलन, निंबाराम बोले-हिंदू समाज को समझदारी बढ़ानी होगी

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कोटा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कोटा महानगर में रविवार को विजयादशमी उत्सव और भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। सीएडी मैदान से निकले पथ संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए शामिल हुए। करीब 56 मिनट तक चले संचलन के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों पर लोगों ने स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के राजस्थान क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने देश में बढ़ रही विभिन्न सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए हिंदू समाज से अधिक जागरूक और संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में अराजकता पैदा करने के प्रयासों को समझने की जरूरत है और प्रबुद्ध वर्ग को सामाजिक विषयों पर आगे आकर विचार करना चाहिए।

अवैध गतिविधियों और नशे पर समाज को गंभीरता से सोचना होगा

निंबाराम ने कहा कि देश में अवैध गतिविधियों के साथ अवैध हथियार और नशीले पदार्थों की समस्या भी सामने आ रही है। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि युवा शक्ति का उपयोग सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिसे आज ‘जेन-जी’ कहा जाता है, वही युवा वर्ग अनुशासन, सेवा और देशभक्ति के रास्ते पर भी आगे बढ़ सकता है। उनके अनुसार, संघ की शाखाओं के माध्यम से लंबे समय से युवाओं में अनुशासन और संस्कार विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

राजस्थान में 20 हजार से अधिक शाखाओं का दावा

क्षेत्रीय प्रचारक ने संघ के राजस्थान में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष शुरू होने से पहले प्रदेश में करीब 11 हजार शाखाएं थीं। पिछले एक वर्ष में लगभग 9 हजार नई शाखाएं शुरू होने के बाद शाखाओं की संख्या 20 हजार के पार पहुंच गई है।

निंबाराम ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा की समीक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन के सामने निर्धारित लक्ष्यों को लेकर लगातार आत्ममंथन किया जाता है। उन्होंने कहा कि संघ स्वयंसेवकों के लिए सौंपे गए कार्य को पूरा करना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना है और जातिगत राजनीति से संगठन का कोई लेना-देना नहीं है।

इज्यराज सिंह बोले- राष्ट्र की मजबूती के लिए नागरिकों का चरित्र जरूरी

कार्यक्रम में पूर्व महाराव और पूर्व सांसद इज्यराज सिंह ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की मजबूती केवल सैन्य और आर्थिक शक्ति से नहीं होती, बल्कि उसके नागरिकों का चरित्र, अनुशासन और परिश्रम भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आपदा और संकट के समय स्वयंसेवकों की ओर से किए जाने वाले सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक, सैन्य और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और बदलते वैश्विक परिदृश्य में देश को अपनी क्षमता और एकजुटता बनाए रखने की जरूरत है। इज्यराज सिंह ने कहा कि देश के सामने मौजूद चुनौतियों को देखते हुए नागरिकों को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना होगा। कार्यक्रम में परंपरानुसार शस्त्र पूजन भी किया गया।

सीएडी मैदान से निकला पथ संचलन

विजयादशमी उत्सव के बाद शाम करीब 7:11 बजे सीएडी मैदान से पथ संचलन शुरू हुआ। स्वयंसेवक अनुशासित कतारों में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े। संचलन एसएस डेयरी, दादाबाड़ी बड़ा चौराहा, गुरुद्वारा, छोटा चौराहा, तीन बत्ती चौराहा और केशवपुरा चौराहा होते हुए वापस एसएस डेयरी के रास्ते सीएडी मैदान पहुंचा। करीब 56 मिनट बाद रात 8:07 बजे पथ संचलन का समापन हुआ। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

संघ पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में चित्तौड़ प्रांत के प्रांत प्रचारक मुरलीधर, सह प्रांत प्रचारक डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सेवा भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री सुधीर कुमार, मूलचंद सोनी, कोटा विभाग प्रचारक अजय सिंह सहित संघ के पदाधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में महानगर संघचालक गोपाललाल गर्ग ने अतिथियों, स्वयंसेवकों और आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों का आभार जताया।