अजमेर। त्योहारी सीजन के बीच माप-तौल में गड़बड़ी रोकने के लिए विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ ने अजमेर जिले में धर्म कांटों और टोल प्लाजा की जांच तेज कर दी है। बुधवार को की गई औचक कार्रवाई में परबतसर के दो धर्म कांटे असत्यापित पाए गए। इनके अलावा वहां इस्तेमाल किए जा रहे एक-एक टन के बाट भी सत्यापित नहीं मिले। विभाग ने दोनों संचालकों से कुल 24 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया।
यह कार्रवाई खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर राज्यभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान 21 से 23 अक्टूबर तक धर्म कांटों और टोल प्लाजा पर चलाया जा रहा है। विधिक माप विज्ञान विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य व्यापारिक लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले वजन और माप उपकरणों की सटीकता सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
गेगल टोल प्लाजा की जांच में व्यवस्था मिली दुरुस्त
अजमेर में सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान भावना दयाल के नेतृत्व में टीम ने गेगल टोल प्लाजा का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान टोल प्लाजा पर लगे उपकरणों के सील सत्यापन की स्थिति सही मिली।
टीम ने टेस्टिंग वे-ब्रिज किट वाहन के जरिए वजन की जांच की। जांच में वे-ब्रिज का वजन मानकों के अनुरूप पाया गया। इसके साथ ही स्वचालित वे-ब्रिज का भी सत्यापन किया गया, जो निर्धारित मापदंडों पर सही मिला। इससे गेगल टोल प्लाजा पर जांच के दौरान माप-तौल से संबंधित कोई बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई।
परबतसर में दो धर्म कांटे जांच में फंसे
विभागीय टीम ने इसके बाद परबतसर क्षेत्र के धर्म कांटों का निरीक्षण किया। विष्णु ट्रेलर धर्म कांटा और आरके ट्रेलर धर्म कांटा की जांच के दौरान दोनों के कांटे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापित नहीं पाए गए।
जांच में दोनों स्थानों पर इस्तेमाल किए जा रहे एक टन क्षमता के बाट भी असत्यापित मिले। विभाग ने इसे विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन माना।
कार्रवाई के दौरान दोनों धर्म कांटों के संचालकों से मौके पर ही 12-12 हजार रुपए, यानी कुल 24 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया गया। साथ ही दोनों को तत्काल नियमानुसार अपने धर्म कांटों के सत्यापन के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए गए।
एक धर्म कांटा जांच में सही मिला
परबतसर स्थित बिरला धर्म कांटा का भी निरीक्षण किया गया। यहां सील सत्यापन के साथ माप-तौल की प्रक्रिया की जांच की गई। विभाग के अनुसार कांटा और संबंधित माप व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप सही पाई गई।
सत्यापन नहीं कराया तो होगी कार्रवाई
विधिक माप विज्ञान विभाग ने जिले के सभी धर्म कांटा संचालकों और टोल प्लाजा प्रबंधनों को अपने माप-तौल उपकरणों का नियमानुसार सत्यापन कराने के लिए पाबंद किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन के उपकरणों का व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान विधिक माप विज्ञान विभाग के मुताबिक व्यापार में इस्तेमाल होने वाले बाट और माप उपकरणों की सत्यापन, पुनः सत्यापन और स्टांपिंग विभागीय कार्यों का हिस्सा है। विभाग उपभोक्ताओं से संबंधित माप-तौल उल्लंघनों पर कार्रवाई भी करता है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। खासकर त्योहारी और व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान धर्म कांटों, टोल प्लाजा तथा अन्य माप-तौल उपकरणों की जांच के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि वजन के आधार पर होने वाले लेन-देन में उपभोक्ताओं के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी न हो।




