करौली के सपोटरा किले की चारदीवारी पर फिर दिखे दो तेंदुए, नीचे बसी आबादी में दहशत

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करौली। राजस्थान के करौली जिले में वन्यजीवों की हलचल एक बार फिर लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। सपोटरा किले की चारदीवारी पर शनिवार को दो तेंदुए दिखाई देने की सूचना के बाद किले के आसपास और नीचे बसी आबादी में हड़कंप मच गया। तेंदुओं की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ और छह सदस्यीय टीम को मौके पर निगरानी के लिए लगाया गया है।

वन विभाग की टीम तेंदुओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। अधिकारियों और वनकर्मियों का प्रयास है कि तेंदुए आबादी की ओर न बढ़ें और स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

पिछले महीने भी दिखे थे तीन तेंदुए

सपोटरा किला क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पिछले महीने भी यहां तीन तेंदुए कई दिनों तक दिखाई दिए थे। अब दो तेंदुओं के दोबारा नजर आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। किले के नीचे आबादी होने के कारण रात के समय लोगों में विशेष रूप से भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग को निगरानी और गश्त और बढ़ानी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति पैदा न हो।

वन विभाग की छह सदस्यीय टीम कर रही निगरानी

तेंदुओं के दिखाई देने की सूचना के बाद वन विभाग की छह सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। टीम किले और उसके आसपास के क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रख रही है। विभागीय स्तर पर तेंदुओं के संभावित मूवमेंट का आकलन किया जा रहा है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार आबादी के आसपास तेंदुए दिखाई देने की स्थिति में लोगों का भीड़ लगाकर उन्हें देखने या उनके करीब जाने का प्रयास करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में वन विभाग की निगरानी के दौरान लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।

करौली में वन्यजीवों की मौजूदगी आम

करौली जिले का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास से जुड़ा है। जिले में स्थित कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य में तेंदुए समेत कई वन्यजीव पाए जाते हैं। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार अभयारण्य क्षेत्र में तेंदुए, चिंकारा, नीलगाय, सियार और अन्य वन्यजीव देखे जा सकते हैं। ऐसे में वन क्षेत्र से सटे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही सामने आती रहती है। हालांकि, जब इनकी मौजूदगी आबादी या रिहायशी क्षेत्र के बिल्कुल करीब दिखाई देती है तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

वन विभाग की टीम फिलहाल क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की जा रही है कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास जाने, उसे घेरने या शोर मचाकर भगाने का प्रयास न करें। किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल वन विभाग को जानकारी देना सुरक्षित विकल्प है।