लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और उनकी पत्नी मैरी-फ्रांस वैन हील ने मंगलवार 27 अक्टूबर को लंदन स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर दिवाली समारोह की मेजबानी की। इस आयोजन में ब्रिटिश-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों, राजनीतिक हस्तियों, कारोबारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने पारंपरिक दीप प्रज्वलित कर रोशनी के पर्व की खुशियां साझा कीं।
दीयों और फूलों से सजा प्रधानमंत्री का आवास
दिवाली के अवसर पर 10 डाउनिंग स्ट्रीट को पारंपरिक दीयों, रोशनी और फूलों से सजाया गया। समारोह में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान युवा श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया, जबकि भगवद्गीता के संदेश और विश्व शांति की कामना से जुड़ी प्रस्तुतियां भी आयोजन का हिस्सा रहीं। यह समारोह ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों की सांस्कृतिक पहचान और देश के सामाजिक जीवन में उनके योगदान को रेखांकित करने का अवसर बना।
भारत के साथ मजबूत संबंधों पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ सबसे मजबूत संभव संबंध विकसित करने की दिशा में काम करेगी।
बर्नहम ने ब्रिटेन के हिंदू, सिख, जैन और अन्य समुदायों के योगदान की सराहना करते हुए सामाजिक एकता, सकारात्मकता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने दिवाली के संदेश को आशा और एकजुटता से जोड़ते हुए कहा कि सरकार विभिन्न समुदायों का समर्थन जारी रखेगी।
भारत-ब्रिटेन साझेदारी को सांस्कृतिक जुड़ाव से मजबूती
कार्यक्रम में भारतीय मूल के ब्रिटिश मंत्रियों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। प्रधानमंत्री का परिचय मंत्रिमंडल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री कनिष्क नारायण ने कराया। समारोह में भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और जनस्तरीय संबंधों को आगे बढ़ाने के महत्व पर भी चर्चा हुई।
ब्रिटेन में दिवाली केवल भारतीय मूल के लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग भी इस पर्व में भाग लेते हैं। ऐसे आयोजन विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस वर्ष ब्रिटेन में दिवाली का मुख्य पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा। उससे पहले लंदन में आयोजित यह समारोह भारतीय परंपराओं और ब्रिटिश-भारतीय समुदाय के योगदान को सम्मान देने का अवसर बना।



