वाराणसी। पूर्वांचल और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल सफर को नई रफ्तार देने के लिए वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का शनिवार को शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस स्टेशन से देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर वाराणसी क्षेत्र के लिए नई मेमू रेल सेवाओं की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नई ट्रेन के शुरू होने से यात्री रात में बनारस से सफर शुरू कर अगली सुबह दिल्ली पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रेन में केवल यात्रियों की सुविधाओं पर ही नहीं, बल्कि लोको पायलट और अन्य रेल कर्मचारियों की जरूरतों पर भी ध्यान दिया गया है। कर्मचारियों के लिए अलग बर्थ और उनके उपयोग को सुविधाजनक बनाने वाली व्यवस्थाएं की गई हैं।
16 कोच और 823 यात्रियों के लिए बर्थ
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इसमें 11 थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। ट्रेन में कुल 823 बर्थ उपलब्ध होंगी। इनमें थर्ड एसी की 611, सेकंड एसी की 188 और फर्स्ट एसी की 24 बर्थ हैं।
रेलवे की घोषित नियमित समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होकर अगली सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में यह नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलकर अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को ट्रेन नहीं चलेगी। रास्ते में प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में ठहराव निर्धारित हैं।
रेलवे के अनुसार नई सेवा से मौजूदा शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में करीब 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में करीब 35 मिनट की बचत होगी। नियमित व्यावसायिक संचालन की तारीख और अन्य यात्री संबंधी विवरण रेलवे की ओर से अलग से घोषित किए जाने हैं।
स्थानीय यात्रियों के लिए मेमू सेवाओं का विस्तार
कार्यक्रम में वाराणसी क्षेत्र के लिए मेमू सेवाओं को भी महत्वपूर्ण बताया गया। रेल मंत्री ने कहा कि शहरों के विस्तार और आसपास के क्षेत्रों से बढ़ते आवागमन को देखते हुए छोटी दूरी की रेल कनेक्टिविटी मजबूत करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से वाराणसी सिटी और राजातालाब के बीच मेमू सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
इन सेवाओं से वाराणसी शहर और आसपास के कस्बों के बीच रोजाना आने-जाने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चार जोड़ी यानी आठ दैनिक मेमू सेवाओं को मंजूरी दी है। इसके अलावा बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू सेवा के विस्तार की व्यवस्था भी की गई है।
वैष्णव ने वाराणसी-राजातालाब के बीच युवाओं के लिए 95 रुपये और प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर विद्यार्थियों के लिए 220 रुपये का मासिक टिकट उपलब्ध कराने की जानकारी दी। इससे नियमित यात्रियों को कम खर्च में सफर करने में मदद मिलेगी।
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर भी किया बड़ा दावा
रेल मंत्री ने कार्यक्रम में प्रस्तावित उत्तर भारत बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कॉरिडोर को मंजूरी दी है। प्रस्तावित योजना में दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या जैसे शहरों को जोड़ने की बात कही गई है। आगे इसके विस्तार को वाराणसी और पटना होते हुए गुवाहाटी तक ले जाने की योजना का भी उल्लेख किया गया।
वैष्णव ने दावा किया कि बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी होने पर दिल्ली से आगरा की यात्रा करीब 59 मिनट और दिल्ली से लखनऊ की यात्रा लगभग दो घंटे 12 मिनट में संभव हो सकेगी। उन्होंने वाराणसी से दिल्ली के बीच भी करीब तीन घंटे 33 मिनट की यात्रा का लक्ष्य बताया। ये समय प्रस्तावित उच्च गति रेल परियोजना से जुड़े अनुमान हैं, मौजूदा रेल सेवाओं की यात्रा अवधि नहीं।
रेल मंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन की डिजाइन और निर्माण में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी जा रही है। उनके अनुसार, आधुनिक रेल नेटवर्क देश के प्रमुख शहरों के बीच दूरी और यात्रा समय घटाने के साथ उद्योग, व्यापार और रोजगार को भी गति देगा।
रेल बजट को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान वैष्णव ने उत्तर प्रदेश में रेलवे बजट के आवंटन की तुलना करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय प्रदेश को रेलवे के लिए अपेक्षाकृत कम बजट मिलता था, जबकि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रेल बजट बढ़कर करीब 20 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे के विस्तार और नई सुविधाओं से युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों तथा आम यात्रियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नई रेल सेवाओं को पूर्वांचल के विकास और बेहतर संपर्क व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वाराणसी-नई दिल्ली स्लीपर वंदे भारत और मेमू सेवाओं की शुरुआत से लंबी दूरी के यात्रियों के साथ स्थानीय रेल यात्रियों को भी नई सुविधा मिलने की उम्मीद है।



