हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली को ‘वोट बचाओ’ के बजाय ‘घुसपैठियों को बचाओ’ रैली करार दिया। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपने कथित वोट बैंक को बचाने के लिए एसआईआर और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध कर रहे हैं।
अमित शाह सोमवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ महा पदयात्रा में शामिल हुए। पदयात्रा के बाद मुअज्जम जाही मार्केट में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा मतदाता सूची से प्रत्येक अवैध घुसपैठिये का नाम हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को ही मिलना चाहिए।
राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर साधा निशाना
शाह ने राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को निशाने पर लेते हुए कहा कि दोनों नेता जितना भी जोर लगा लें, भाजपा मतदाता सूची से एक-एक घुसपैठिये का नाम हटवाकर रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि अवैध रूप से रह रहे लोगों को उसका वोट बैंक माना जाता है।
गृह मंत्री ने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें एसआईआर के कारण करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही गई है। शाह ने दावा किया कि इस आंकड़े में ऐसे मतदाता शामिल हैं, जो दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम दोहराए गए हैं या जिनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं है।
उन्होंने अपने दावे के समर्थन में आंकड़े पेश करते हुए कहा कि करीब 6.25 करोड़ मतदाता दूसरे स्थानों पर चले गए हैं, लगभग 2.8 से 3 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है और करीब एक करोड़ नाम दोहराव वाले हैं। शेष लगभग तीन करोड़ प्रविष्टियों को उन्होंने अस्तित्वहीन बताते हुए बांग्लादेशी घुसपैठियों से जोड़ा।
ईवीएम और चुनावी नतीजों पर कांग्रेस से सवाल
अमित शाह ने कांग्रेस पर चुनाव में हार मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि यदि कांग्रेस को ईवीएम और चुनाव प्रणाली पर भरोसा नहीं है तो केरल, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में चुनावी जीत मिलने पर उसने सरकारें कैसे बनाईं?
उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वह संसद में एसआईआर, ईवीएम और चुनाव सुधारों पर चर्चा करे। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार इन मुद्दों पर विशेष संसद सत्र बुलाने के लिए भी तैयार है। उन्होंने राहुल गांधी से संसद में चर्चा में भाग लेने का आह्वान किया और आरोप लगाया कि विपक्ष सदन की कार्यवाही बाधित कर राजनीतिक मुद्दों को चर्चा में बनाए रखना चाहता है।
दिल्ली की रैली में विपक्ष ने चुनाव आयोग पर उठाए थे सवाल
गौरतलब है कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस सहित विपक्षी INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ’ अभियान के तहत बड़ी रैली आयोजित की थी। इसमें राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने इसे मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया था। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य दोहरे, मृत और अपात्र मतदाताओं की प्रविष्टियां हटाना है।
तेलंगाना में भी कांग्रेस सरकार पर हमला
हैदराबाद की सभा में शाह ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और चुनावी वादे पूरे नहीं करने के आरोप लगाए। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से पार्टी का संदेश राज्य के प्रत्येक घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इससे पहले शाह ने बशीरबाग स्थित डॉ. बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से मुअज्जम जाही मार्केट तक निकाली गई करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी पदयात्रा में हिस्सा लिया। इसमें केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, बंदी संजय कुमार, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव सहित पार्टी के सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।



