वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके ने किया राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान

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नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिये जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशभर में लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है।

दीपके ने कहा कि वांगचुक को इस तरह हिरासत में लेना तानाशाही है जिसका विरोध ज़रूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो में कहा कि दिल्ली पुलिस ने सोनम सर (वांगचुक) को जंतर-मंतर से उठा लिया है। पुलिस ने विद्यार्थियों पर भी लाठीचार्ज किया है। मैं अभी अपने दोस्त के घर गया था, जहां मुझे बंद कर दिया गया और मेरे साथ भी मारपीट की गई।

उन्होंने कहा कि वांगचुक को उठाने के बाद उन्होंने मुझे छोड़ दिया है लेकिन जंतर-मंतर जाने की अनुमति अभी भी नहीं है। जो भी लोग यह वीडियो देख रहे हैं, मैं उनसे अपील करता हूं कि हमें देशभर में प्रदर्शन करना होगा। सभी से अनुरोध है कि कोई नियम तोड़े बिना शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें। हमें जवाब देना होगा कि हम तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।

इस बीच, सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि हम सुबह दिन की शुरुआत करने से पहले अपने दोस्त के घर जाते हैं। इसी वक्त सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया है। जंतर-मंतर को बंद कर दिया गया है और अंदर लोगों को मारा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शायद हमें भी अभी गिरफ्तार किया जाए लेकिन हम लोगों से अपील करते हैं कि अब चुप बैठने का समय नहीं है। सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें। आप मत भूलिएगा कि 20 बच्चों ने आत्महत्या की है। हम व्यवस्था बदलने के लिए लड़ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह जंतर-मंतर से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश का पालन करते हुए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल को जल्द से जल्द खाली कर दें।

पुलिस ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश और मेडिकल परामर्श के अनुसार, सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती तबीयत को ध्यान में रखते हुए उन्हें ज़रूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।

बयान में कहा गया कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने व्यवधान पैदा करने की कोशिश की, जिसमें थोड़ा हंगामा हुआ, हालांकि पुलिस ने सर्वाधिक नियंत्रण दिखाते हुए इस कार्य को अंजाम दिया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शकारियों से अनुरोध करते हैं जल्द से जल्द प्रदर्शन स्थल को खाली कर दें।