जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की विश्वविद्यालय इकाई ने शुक्रवार को ‘अराजकता हटाओ, संविधान अपनाओ’ अभियान के तहत प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सदभाव को मजबूत करने की जरूरत बताते हुए कथित तौर पर देश की सामाजिक एवं संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली विचारधाराओं के खिलाफ आवाज उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विचारों की अभिव्यक्ति का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है, लेकिन इसके साथ संविधान, कानून और सार्वजनिक व्यवस्था के प्रति जिम्मेदारी भी जरूरी है। परिषद ने विश्वविद्यालय परिसरों को अध्ययन, संवाद और सकारात्मक विचार-विमर्श का केंद्र बनाए रखने की बात कही।
राष्ट्रीय एकता और संविधान के सम्मान पर जोर
ABVP नेताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के बीच संविधान के प्रति सम्मान और देश की एकता-अखंडता की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए। परिषद का आरोप है कि कुछ विचारधाराएं देश में अस्थिरता और अराजकता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं। संगठन ने ऐसी विचारधाराओं का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की बात कही।
कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि भारत की परिस्थितियों की तुलना दूसरे देशों से करते समय तथ्यों और संवैधानिक व्यवस्था को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि विश्वविद्यालयों में वैचारिक बहस हो, लेकिन उसका आधार तर्क, तथ्य और लोकतांत्रिक मर्यादा हो।
प्रदेश मंत्री शुभेंद्र सिंह निर्वाण ने क्या कहा
ABVP राजस्थान के प्रदेश मंत्री शुभेंद्र सिंह निर्वाण ने कहा कि परिषद राष्ट्रहित, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के लिए लगातार काम करती रही है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने वाली किसी भी विचारधारा का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
निर्वाण ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा हासिल करने के स्थान नहीं हैं, बल्कि यहां से समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए नई सोच विकसित होती है। ऐसे में परिसरों में अनुशासन, सकारात्मक संवाद और संवैधानिक मूल्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
विद्यार्थियों से राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका की अपील
प्रदर्शन के दौरान परिषद कार्यकर्ताओं ने विद्यार्थियों से देश के प्रति अपने संवैधानिक कर्तव्यों को समझने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। संगठन ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन विरोध के साथ कानून और संविधान की मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। ABVP ने आगे भी विद्यार्थियों के हितों, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान जारी रखने की बात कही।



