शिकायत करते ही चमत्कार, हाथोंहाथ आरबीआई से छपवाकर मंगवा ली गड्डियां!

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भारतीय स्टेट बैंक अजमेर मैन ब्रांच के AGM का कारनामा
सन्तोष खाचरियावास
अजमेर। वेडिंग सीजन शुरू होने से पहले ही बाजार में 10 और 20 रुपए के नए नोटों की डिमांड बूम पर है। नए नोटों का अवैध धंधा करने वालों और बैंक वालों का गठजोड़ फिर चर्चा में है।

अजमेर में भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई की मुख्य शाखा में छोटे नोटों के वितरण को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। आरबीआई से इस ब्रांच में आने वाले 10 और 20 रुपए के नए नोटों की गड्डियां, आम ग्राहकों को मुहैया कराने की बजाय नए नोटों के सौदागरों और नोटों की सजावटी माला बनाकर बेचने वालों तक पहुंचाई जा रही हैं। पिछले लंबे अरसे से यही गुलगपाड़ा चल रहा है।

अजमेर सबसे बड़ी चेस्ट ब्रांच होने के कारण नए नोटों की गड्डियां एकमात्र यहीं पहुंचती हैं और यहीं से सब जगह डिस्ट्रीब्यूट होते हैं लेकिन, यहां नई गड्डियां स्टॉक में होने के बावजूद आम ग्राहक को साफ मना कर दिया जाता है, जबकि बैंक अफसर अपने मिलने जुलने वालों और कारोबारियों को जमकर ऑब्लाइज कर रहे हैं। लेकिन इस बार यह गठजोड़, खतरे में पड़ गया है। सरकार, रिजर्व बैंक और खुद एसबीआई प्रबंधन तक शिकायत पहुंच गई है।

यह है मामला

एसबीआई मुख्य शाखा में एक पुराने सामान्य ग्राहक ने गत 12 अक्टूबर को एजीएम दीपक खंडेलवाल से सम्पर्क कर आग्रह किया कि उसके पारिवारिक आयोजन के लिए किसी भी ब्रांच से उसे 10 व 20 रुपए के नोटों के पैकेट नहीं मिल पा रहे हैं। इसलिए उसे मुख्य शाखा में उपलब्ध स्टॉक में से कुछ पैकेट उपलब्ध कराए जाएं। इस पर खंडेलवाल ने साफ कह दिया कि ब्रांच में पैकेट उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने दशहरे के अगले दिन आने की कहकर टरका दिया।

ग्राहक को दुबारा टरकाया

ग्राहक दशहरे के अगले दिन यानी 21 अक्टूबर को बैंक पहुंच गया। लेकिन एजीएम खंडेलवाल से फिर साफ मना कर दिया कि 10 और 20 रुपए की एक भी नई गड्डी उपलब्ध नहीं है। जबकि ग्राहक ने दावा किया कि उनके यहां स्टॉक में पर्याप्त गड्डियां हैं और मिलने जुलने वालों को दी जा रही हैं। लेकिन एजीएम ने साफ इनकार करते हुए ग्राहक को तीन चार दिन बाद आने के लिए कहा।

इसी बीच ग्राहक को पता चला कि इस ब्रांच में जयपुर से बैंक की बड़ी अधिकारी आई हुई है और एजीएम के चेंबर में मौजूद है, तो ग्राहक भी चैम्बर में पहुंच गया और सीडीओ रीटा राजोरा से शिकायत की। उन्हें ब्रांच से नोटों के सौदागरों तक गड्डियां पहुंचने की जानकारी दी। लेकिन ग्राहक को तब फिर झटका लगा, जब सीडीओ रीटा राजोरा ने भी बेरुखी से कह दिया कि ‘नए नोट हम नहीं, रिजर्व बैंक छापता है।’ एजीएम दीपक खंडेलवाल ने उनके सामने भी स्पष्ट मना कर दिया कि फिलहाल ब्रांच में 10 और 20 रुपए के नए नोटों की एक भी गड्डी नहीं है। इस पर ग्राहक निराश होकर लौट गया।

शिकायत करते ही खुल गई पोल

ग्राहक ने थोड़ी देर बाद ही बैंक के चेयरमैन से लेकर आरबीआई तक ई मेल भेजकर, यहां मैन ब्रांच में चल रहे गड़बड़झाले से रूबरू करा दिया। साथ ही राष्ट्रपति कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करा दी।… फिर तो जैसे कमाल हो गया। कुछ देर बाद ही ग्राहक के मोबाइल पर एसबीआई मैन ब्रांच से अकाउंटेंट शिवराज कंवरिया का फोन आ गया। अकाउंटेंट ने ग्राहक से पूछा कि आपको कितनी गड्डियां चाहिए?… ब्रांच में आकर ले जाइए। इसी के साथ ग्राहक को बैंक से ई मेल भी आया, जिसमें एजीएम ने आग्रह करते हुए लिखा है कि वह ब्रांच में आकर अपनी जरूरत के मुताबिक 10 व 20 रुपए के नए नोटों की गड्डियां ले जाएं।

इस ई मेल… और अकाउंटेंट के फोन कॉल ने एजीएम दीपक खंडेलवाल के उस झूठ की पोल खोल दी है, जिसमें उन्होंने दावे से कहा था कि ब्रांच में 10 और 20 रुपए के नए नोटों की गड्डियां नहीं हैं। क्या शिकायत दर्ज होते ही एजीएम ने हाथोंहाथ आरबीआई से नए नोट छपवाकर अजमेर मंगवा लिए, या फिर जादू से नई गड्डियां तैयार कर लीं। यह भी हो सकता है कि बखेड़ा खड़ा होते देख, कुछ गड्डियां उन नोटों के सौदागरों से वापस कलेक्ट कर ली हों। दोस्तों, होने को कुछ भी हो सकता है। एक मामूली ग्राहक भी अगर अपने अधिकार जान ले तो, बड़े से बड़े रैकेट को बेनकाब कर सकता है।

हो गई पुष्टि.. दुबारा शिकायत दर्ज

फिलहाल ग्राहक ने बैंक प्रबंधन को पुनः शिकायत दर्ज कराई है कि एजीएम के ईमेल से पुष्टि हो रही है कि एसबीआई मैन ब्रांच में 10 और 20 रुपए के नए नोट उपलब्ध होने के बावजूद एजीएम ने ग्राहक को साफ मना करके नियमों का उल्लंघन किया है। लिहाजा, नियमों के मुताबिक ही एक्शन लिया जाए। इसके अलावा, पिछले चार महीने में बैंक में छोटे फ्रेश नोटों की कितनी गड्डियां आईं.. और किस किसको कितनी गड्डियां बांटी गईं…इसकी गहराई से पड़ताल कराई जाए। .. ताकि बाजार में ब्लैक में नए नोट बेचकर मुनाफा कमाने वालों और नोटों की माला बनाकर बेचने वालों के तार बैंक में किस किससे जुड़े हैं.. इसका खुलासा हो सके।