नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को गंभीर आरोप लगाए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दावा किया कि राहुल गांधी विदेशी संगठनों के संपर्क में हैं और देश में अराजकता पैदा कर सत्ता परिवर्तन की साजिश में उनकी भूमिका है। हालांकि, ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और इनके समर्थन में प्रस्तुत दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने की जरूरत है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाटिया ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदार और अपरिपक्व विपक्षी नेता बताया। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि राहुल गांधी की गतिविधियां देश में अव्यवस्था पैदा करने के प्रयासों से जुड़ी हुई हैं।
विदेशी संगठनों से जुड़ाव का लगाया आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने अपनी बात के समर्थन में अमेरिकी मीडिया संस्थान फॉक्स न्यूज की एक डिजिटल जांच का हवाला दिया। उनके मुताबिक इस रिपोर्ट में फ्रांस सहित कई देशों में हुए विरोध प्रदर्शनों और अशांति को ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ समेत कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जोड़कर देखा गया है।
भाटिया का दावा है कि रिपोर्ट में नौ देशों के 101 संगठनों के बीच कथित नेटवर्क का उल्लेख किया गया है। भाजपा ने इसे ‘रेड-ग्रीन प्रोटेस्ट इकोसिस्टम’ बताते हुए आरोप लगाया कि इस नेटवर्क का उद्देश्य विभिन्न देशों में चुनी हुई सरकारों के खिलाफ आंदोलनों को बढ़ावा देना और सत्ता परिवर्तन की परिस्थितियां तैयार करना है।
हालांकि, किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन का विरोध प्रदर्शनों से जुड़ना अपने आप में किसी सरकार को गिराने की साजिश का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस दावे की पुष्टि के लिए संबंधित संगठनों की भूमिका, वित्तीय संबंधों और गतिविधियों से जुड़े स्वतंत्र प्रमाण आवश्यक होंगे।
‘इंडियन अलायंस पेरिस’ का भी किया जिक्र
भाटिया ने फ्रांस स्थित ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ नामक संगठन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि यह संगठन राहुल गांधी से जुड़ी गतिविधियों और उनके सोशल मीडिया पोस्ट को प्रमुखता से प्रसारित करता रहा है। भाजपा के मुताबिक संगठन ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी से संबंधित खबरों और उनके बयानों को भी प्रचारित किया तथा भारत के लोकतंत्र की आलोचना की।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी से जुड़े संगठनों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के बीच संबंधों की प्रकृति क्या है और क्या इनका उद्देश्य केवल राजनीतिक गतिविधियों को समर्थन देना है या इसके पीछे कोई व्यापक राजनीतिक एजेंडा है।
सोनिया-राहुल की बैठक का भी उठाया मुद्दा
भाटिया ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के प्रतिनिधिमंडल के साथ कथित मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 10 जनपथ पर हुई इस मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, यह सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के एक्स अकाउंट से इस मुलाकात की तस्वीर भी साझा की गई थी। भाजपा ने इसी आधार पर कांग्रेस से विदेशी संगठनों के साथ उसके संपर्कों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा।
अल्बानिया के प्रदर्शनों को लेकर संजय राउत के बयान का जिक्र
भाजपा प्रवक्ता ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के 19 अक्टूबर के सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया। भाटिया के अनुसार राउत ने अल्बानिया में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए वहां की न्यायपालिका और सरकार के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की कार्रवाई का उल्लेख किया था।
भाजपा ने राउत के इस बयान को भारत की संवैधानिक संस्थाओं के संदर्भ में जोड़ते हुए कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की राजनीति पर निशाना साधा। भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाटिया ने कहा कि देश में इस समय दो तरह की राजनीतिक सोच दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक एक पक्ष भारत को मजबूत और प्रभावशाली बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सरकार की हर पहल का विरोध करने और व्यवस्था को कमजोर करने में लगा है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दलों की राजनीति का उद्देश्य सरकार का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे व्यवस्था को अस्थिर करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।



