संगरूर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। करीब 12 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद मान ने दावा किया कि सीबीआई की टीमें कई स्थानों पर तलाशी के बावजूद ऐसा कोई ठोस आपत्तिजनक सामान नहीं ले जा सकीं, जो उनकी सरकार के खिलाफ आरोपों को साबित करे। उन्होंने इसे अपनी सरकार की ईमानदारी का प्रमाण बताया और आरोप लगाया कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
हालांकि, सीबीआई की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान आठ स्थानों पर तलाशी ली गई और लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एजेंसी इन सामग्री की जांच कथित रिश्वतखोरी और अन्य अनियमितताओं से जुड़े सबूतों के लिए कर रही है। इसलिए “कुछ नहीं मिला” फिलहाल मुख्यमंत्री मान का दावा है, जांच एजेंसी का निष्कर्ष नहीं।
‘चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल’
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि भाजपा पंजाब में सीधे राजनीतिक मुकाबला करने के बजाय केंद्रीय एजेंसियों के जरिए आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर विपक्षी नेताओं और उनके सहयोगियों के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज होना कोई नई बात नहीं है।
मान ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसी कथित दबाव की राजनीति से डरने वाली नहीं है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार को बदनाम करने की कोशिश का राजनीतिक जवाब दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार किसी जांच से भाग नहीं रही है और यदि किसी एजेंसी के पास कोई ठोस तथ्य हैं तो वह जांच आगे बढ़ा सकती है।
आठ ठिकानों पर हुई थी सीबीआई की कार्रवाई
सीबीआई ने मंगलवार को चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न जिलों में आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इनमें मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस के अलावा उनके ओएसडी राजबीर सिंह घुमन से जुड़े परिसरों तथा मोहाली, संगरूर, पटियाला, जालंधर, लुधियाना और गुरदासपुर में स्थित ठिकाने शामिल थे।
यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद हुई, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से सामने रखे गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने को कहा था।
सीएम के ओएसडी समेत 6 लोगों पर एफआईआर
सीबीआई ने मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम भी शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार मामले में सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, ट्रांसफर, प्रशासनिक फैसलों, टेंडर, लाइसेंस और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं को कथित रूप से प्रभावित करने के आरोपों की जांच की जा रही है।
सीबीआई ने तलाशी के दौरान मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को जांच का हिस्सा बनाया है। एजेंसी की जांच अभी जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी।
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
मामले में पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार का तर्क है कि जांच को इस तरह केंद्रीय एजेंसी को सौंपना संघीय ढांचे से जुड़े सवाल खड़े करता है और चुनाव से पहले कार्रवाई के समय को लेकर भी उसने आपत्ति जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। तत्काल उसी दिन सुनवाई से इनकार करते हुए अदालत ने मामले को अगले एक-दो दिनों में सूचीबद्ध करने की बात कही थी।
‘रेड यात्रा’ पर भी मान का तंज
भगवंत मान ने भाजपा की ओर से चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान का जिक्र करते हुए सीबीआई कार्रवाई को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा की कथित राजनीतिक रणनीति पंजाब में कामयाब नहीं होगी, उसी तरह यह “रेड यात्रा” भी अपने मकसद में सफल नहीं होगी।
उन्होंने केंद्र पर पंजाब के साथ विभिन्न मुद्दों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए पंजाब विश्वविद्यालय, भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड, सतलुज-यमुना लिंक नहर, ग्रामीण विकास निधि और सीमा क्षेत्र से जुड़े फंड जैसे मुद्दे भी उठाए।
2027 चुनाव से पहले तेज हुई पंजाब की सियासी लड़ाई
सीबीआई कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां तेज हो रही हैं। आम आदमी पार्टी ने भगवंत मान को आगामी चुनाव के लिए अपना प्रमुख चेहरा बनाए रखा है। ऐसे में मुख्यमंत्री के कार्यालय से जुड़े लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप और केंद्रीय एजेंसी की जांच राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मान ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी को किसी राजनीतिक दल से डर नहीं है और उनकी सरकार जनता के मुद्दों पर काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ही 2027 में इन तमाम राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का जवाब देगी।



